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अम्बेडकर प्रतिमा के गोलम्बर को छोटा करने के विरोध में दलित संगठनों ने आक्रोश मार्च निकाला

जाम की समस्या के लिए महापुरूषों की प्रतिमा नहीं बड़े लोगों के अतिक्रमण को जिम्मेदार बताया
गोरखपुर, 22 अगस्त। कचहरी चौराहा स्थित अम्बेडकर प्रतिमा के चबूतरे को तोड़ कर छोटा करने के खिलाफ आज दलित संगठनों ने आक्रोश मार्च निकाला। यह आक्रोश मार्च अम्बेडकर चैराहे से नगर निगम तक गया। नगर निगम अधिकारियों ने संगठनों के पदाधिकारियों से बात की। नगर आयुक्त ने कहा कि इस बारे में कमिश्नर निर्णय लेंगे और निर्णय लेने के पहले दलित संगठनों से बातचीत की जाएगी। तब तक कोई निर्माण कार्य नहीं होगा।
नगर निगम कई चैराहों पर स्थित महापुरूषों की प्रतिमाओं के गोलम्बर को छोटा कर रहा है ताकि चैराहे पर जगह बन सके और यातायात सुगम हो सके। इसी के तहत नगर निगम कल कचहरी चैराहा स्थित अम्बेडकर प्रतिमा के गोलम्बर को तोड़ छोटा करने का कार्य करने लगा। इसकी जानकारी जब दलित संगठनों को हुई तो वे मौके पर पहुंच गए और उन्होंने चबूतरे के तोड़ने पर आक्रोश जताते हुए काम रोक दिया। संगठनों का कहना है कि गोलम्बर को छोटा करना जाम समाप्त करने का उपाय नहीं है। बड़े लोगों के अतिक्रमण को हटाने की हिम्मत प्रशासन में नहीं है तो वह महापुरूषों के मूर्तियों के गोलम्बर को ही छोटा करने पर उतारू हो गया है।
आज इस घटना को लेकर अम्बेडकरवादी छात्र सभा, पूर्वांचल सेना, अम्बेडकरवादी जागरण मंच, अखिल भारतीय एससी एसटी ओबीसी फोरम, अनुसूचित जाति जनताति वेलेफेयर, भारतीय डोम महासभा, डा अम्बेडकर छात्र युवा चेतना समिति ने अम्बेडकर चैक से नगर निगम तक आक्रोश मार्च निकाला। नगर निगम पहुंच कर दलित संगठनों ने नगर निगम का घेराव कर नारेबाजी की।
नगर आयुक्त ने आंदोलनकारियों को बातचीत के बुलाया। बातचीत में दलित नेताओं अमर सिंह पासवान, धीरेन्द्र प्रताप, दुर्गा प्रसाद यादव, चन्द्रशेखर, ऋषि कपूर, सुरेन्द्र कुमार आदि ने कहा कि अम्बेडकर चैक एकमात्र ऐसा स्थान है जहां दलित संगठन धरना-प्रदर्शन व अपने कार्यक्रम करते हैं। इसलिए इस स्थान को छोटा करना उचित नहीं हैं। दलित नेताओं ने सवाल किया कि शहीदों की मूर्तियों पर होर्डिंग के स्टैण्ड क्यों लगाए गए हैं ? कई बड़े होटलों ने सड़क को कब्जा कर पार्किंग बना ली है लेकिन उसे तो नहीं हटाया जा रहा ? कई मुख्य सड़कों पर अतिक्रमण कर धार्मिक स्थान बना दिए गए हैं, उन्हें हटाकर जाम की समस्या का निवारण क्यों नहीं हो रहा ? क्या शहर में जाम के लिए महापुरूषों की प्रतिमाएं जिम्मेदार है ?
दलित नेताओं की बात सुनने के बाद नगर आयुक्त बीएन सिंह ने कहा कि हमने कार्य रोक दिया है और अब इस बारे में निर्णय कमिश्नर करेेंगे। वह कोई भी निर्णय लेने के पहले आप सभी की राय जरूर ली जाएगी।
इस मौके पर प्रणय कुमार श्रीवास्तव, योगेन्द्र प्रताप, रामलाल राम, मनोज, ज्ञानेश्वर, शशिभूषण, मंजेश कुमार, इमरती देवी, सुचिता देवी, शान्ति देवी, अविनाश कुमार, अरविन्द गौतम, सुजीत कुमार गौतम आदि उपस्थित थे।

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