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बीआरडी मेडिकल कालेज का इंसेफेलाईटिस वार्ड (फ़ाइल फोटो )
बीआरडी मेडिकल कालेज का इंसेफेलाईटिस वार्ड (फ़ाइल फोटो )

इंसेफेलाइटिस के हमले में कमी नहीं, छह माह में 70 बच्चों की मौत

गोरखपुर, 7 जुलाई। मानसून के आगमन के साथ ही पूर्वांचल में इंसेफेलाइटिस (जेई /एईएस) का हमला शुरू हो गया है। छह जून को बीआरडी मेडिकल कालेज में इंसेफेलाइटिस से तीन बच्चों की मौत हो गई। इस वर्ष के छह महीनों में इंसेफेलाइटिस से बीआरडी मेडिकल कालेज में 70 बच्चों और चार वयस्कों की मौत हो चुकी है।
बीआरडी मेडिकल कालेज से मिली जानकारी के अनुसार इस वर्ष एक जनवरी से 6 जनवरी तक इंसेफेलाइटिस के 243 मरीज भर्ती हुए जिसमें 233 बच्चे और 10 वयस्क थे। इनमें से 70 बच्चों और की चार वयस्कों की मौत हो गई।
बीआरडी मेडिकल कालेज के नेहरू अस्पताल में भर्ती गोरखपुर जिले के झुंगिया निवासी अर्जुन के दो वर्षीय पुत्र आर्यन और तिकोनिया नम्बर दो निवासी रामआसरे के सात वर्षीय पुत्र करन और बिहार के गोपालगंज के यादवपुर निवासी विजय कुमार के पांच वर्षीय बेटे वीर  की इलाज के दौरान छह जुलाई को मौत हो गई। ये बच्चे इंसेफेलाइटिस से पीड़ित थे।
छह जुलाई को नेहरू अस्पताल में इंसेफेलाइटिस से पीड़ित छह बच्चों को भर्ती किया गया। इनमें से दो बच्चे गोरखपुर, एक-एक सिद्धार्थनगर, महराजगंज और कुशीगनज जिला तथा एक बिहार का है। इस वक्त नेहरू अस्पताल के इंसेफेलाइटिस वार्ड में इंसेफेलाइटिस से बीमार 18 बच्चे भर्ती हैं।
बीआरडी मेडिकल कालेज में पूर्वी उत्तर प्रदेश के एक दर्जन से अधिक जिलों तथा पश्चिमी बिहार के आधा दर्जन जिलों के मरीज इलाज के लिए आते हैं।
आंकड़ों को देखें तो इंसेफेलाइटिस का कहर विगत वर्षों की भांति ही है और इसमें कोई कमी नहीं आई है। वर्ष 2010 में जून माह तक इंसेफेलाइटिस से 78, 2011 में 80, 2012 में 118, 2013 में 83, 2014 में 82, 2015 में 65, 2016 में 73 मौतें हुईं थी जबकि इस वर्ष इसी अवधि में 69 मौतें हो चुकी हैं।

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