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बीआरडी मेडिकल कालेज का इंसेफेलाईटिस वार्ड (फ़ाइल फोटो )
बीआरडी मेडिकल कालेज का इंसेफेलाईटिस वार्ड (फ़ाइल फोटो )

इंसेफेलाइटिस से बीआरडी मेडिकल कालेज में दो दिन में नौ और बच्चों की मौत

मौतों का आंकड़ा 114 तक पहुंचा
गोरखपुर, 16 अगस्त। इस वर्ष पूर्वांचल में इंसेफेलाइटिस का हमला तेज है। पिछले 48 घंटे में बीआरडी मेडिकल कालेज गोरखपुर में इंसेफेलाइटिस से नौ बच्चों की मौत हो गई। इसके साथ ही इस वर्ष अब तक मौतों का आंकड़ा 144 पहुंच गया है।
जुलाई के अंतिम सप्ताह से इंसेफेलाइटिस का हमला काफी तेज है। अगस्त के पहले पखवारे में सिर्फ बीआरडी मेडिकल कालेज में 45 बच्चों की मौत हुई है। पिछले 72 घंटे में 16 मासूमों की मौत इस बीमारी से हुई है। पिछले 48 घंटे में 31 नए मरीज भर्ती हुए हैं।

इंसेफेलाइटिस से बड़ी संख्या में बच्चों की मौत के बीच देश के विशेषज्ञ चिकित्सकों , वैज्ञानिकों की दो दिवसीय कार्यशाला मेडिकल कालेज में आज शुरू हुई।

एक जनवरी से 16 अगस्त तक बीआरडी मेडिकल कालेज में इंसेफेलाइटिस के 559 मरीज भर्ती हुए जिनमें से 144 की जान जा चुकी है। अभी भी 85 मरीज भर्ती हैं जिनमें से अधिकतर बच्चे हैं।
बीआरडी मेडिकल कालेज में पूर्वी उत्तर प्रदेश के एक दर्जन जिलों के अलावा बिहार और नेपाल से भी मरीज इलाज के लिए आते हैं। मरीजों की सर्वाधिक संख्या गोरखपुर, कुशीनगर, महराजगंज, देवरिया, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर और बस्ती की है।
सरकार का दावा है कि उसने बस्ती और गोरखपुर मंडल के सात जिलों के 100 प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर इंसेफेलाइटिस मरीजों के इलाज के लिए इंसेफेलाइटिस ट्रीटमेंट सेंटर बनाया हुआ है जहां पर उनके प्राथमिक उपचार की पूरी व्यवस्था है लेकिन इन केन्द्रों पर पिछले तीन वर्षों में इक्का-दुक्का मरीज ही भर्ती हुए हैं। जिला अस्पतालों में भी इलाज के लिए कम मरीज जा रहे हैं। अधिकतर मरीज सीधे बीआरडी मेडिकल कालेज आ रहे हैं जहां संसाधानों की पहले से कमी है।

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One comment

  1. डा आर एन सिंह

    एन्सेफलाइटिस ने इस वर्ष भी अपना तांडव किया,थोङा कम जरूर ।सवाल यह है कि जब इस महामारी को नियंत्रित करने का एक मात्र रास्ता नेशनल प्रोग्राम ही है तो केन्द्र सरकार इसे तत्काल लागूडा क्यों नहीं कर देती।प्रोग्राम तो २०१२ ,फिर २०१४ से ही बना हुआ है।

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