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उल-फित्र की खुशियों से सराबोर रहा शहर

गोरखपुर, 27 जून। पवित्र  रमजान के 29  रोजे के एवज अल्लाह ने मुसलमानों को ईद का तोहफा अता किया। अल्लाह का शुक्र अदा करने के लिए  ईद- उल- फित्र की नमाज सोमवार को परम्परा के साथ अदा की गयी। शहर की सात ईदगाहों व प्रमुख मस्जिदों में सुबह से ही नमाजियों का हुजूम उमड़ पड़ा। तय वक्त से पहले ईदगाहें भर गयी। लोगों ने सड़कों व अन्य खाली स्थानों पर जानमाज, चादर वगैरह बिछायी। कमेटियों द्वारा भी नमाज पढ़ने का खास इंतजाम किया गया था। बच्चों से लेकर बड़ों के चेहरों पर खुशियों की चमक देखने लायक थी।

ईद की नमाज के वक्त तक ईदगाह व आसपास की सड़कों पर नमाजियों की कतारें लग गयी। ईदगाह क इमामों की तकरीरें ध्यान लगा कर सुनी।

सुबह 7 बजे से लेकर 10:30 बजे तक तय वक्त पर ईद-उल- फित्र की नमाज विभिन्न ईदगाहों व प्रमुख मस्जिदों में अदा की गई। ईदन का खुत्बा सुना। मुल्कों मिल्लत, भाईचारगी, एकता व बारिश की दुआएं मांगी,  साथ ही रोजा, नमाज, जकात की कुबूलियत व फिलीस्तीन, सीरिया व दुनिया में मुसलमानों पर हो रहे जुल्म को रोकने की अल्लाह से इल्तिजा की गयी। फिर शुरु हुई ईद मुबारक, ईद मुबारक की सदायें। हर सिम्त यह सदायें गूंजने लगी। छोटे से लेकर बड़ों ने लोगों को एक दूसरे को बधाईयां देनी शुरु की। गले मिले हाथ मिलाया बोले ईद मुबारक। इसी के साथ ईदी भी बटनी शुरू हुई। किसी को ईदी में पैसे मिले तो किसी को तोहफे। लोग एक दूसरे के घर आते रहे जाते रहे खुशियों का पैगाम बांटते रहे। कई ईदगाहों पर प्रशासनिक अधिकारियों व राजनीतिक लोगों ने ईद की बधाईयां दी।

फातिहा पढ़ने वालों का लगा तांता

 नार्मल स्थित हजरत मुबारक खां शहीद रहमतुल्लाह अलैह व धर्मशाला स्थित नक्को शाह बाबा सहित तमाम आस्तानों पर जियारत करने वालों का तांता लगा रहा। इसी तरह शहर के कब्रिस्तानों पर फातिहा पढ़ने वालों का हुजूम उमड़ पड़ा। सभी ने पूर्वजों को याद कर फातिहा पढ़ मगफिरत की दुआएं मांगी।

काली पट्टी बांध कर जताया विरोध

 मुस्लिमों पर बढ़ते अत्याचार के विरोध में काफी संख्या में मुस्लिम नौजवानों ने ईदगाहों व मस्जिदों में काली पट्टी बांध कर ईद-उल-फित्र की नमाज पढ़ी।