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एआईएमआईएम ने गोरखपुर ग्रामीण से प्रत्याशी का टिकट काटा, छह साल के लिए पार्टी से निकाला

गोरखपुर जिला अध्यक्ष समीर सिद्दीकी समेत यूपी के आठ जिलाध्यक्षों की भी छुट्टी

प्रदेश के 110 मुस्लिम बहुल सीटों पर है पार्टी की निगाह

सैयद फरहान अहमद

गोरखपुर, 7 अक्तूबर। आल इंडिया मजलिसे इत्तेहादुल मुस्लिमीन ( एआईएमआईएम ) के प्रदेश अध्यक्ष हाजी शौकत अली ने बड़ा फैसला लेते हुए उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव के लिए गोरखपुर ग्रामीण क्षेत्र से पार्टी प्रत्याशी मिर्जा दिलशाद  बेग का टिकट काट दिया और छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया हैं। इसी के साथ गोरखपुर के जिलाध्यक्ष समीर सिद्दीकी समेत यूपी के मुजफ्फरनगर,  हापुड़,  बुलंदशहर,  नोएडा, बरेली, गाजीपुर, अमरोहा के जिलाध्यक्षों को भी पद से हटा दिया गया हैं।

प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने यह अहम  फैसला लेते हुए मिर्जा दिलशाद बेग को पार्टी के खिलाफ काम करने व नेताओं के साथ अपशब्दों का प्रयोग करने के आरोप में निष्कासित किया हैं। अभी दो दिन पूर्व लखनऊ में यूपी के जिला कंनवेनरों की बैठक थी। जिसके बाद आठ जिलों के जिलाध्यक्षों को हटाने का फैसला लिया गया । हटाने का कारण निष्क्रियता बतायी गयी। जिसमें गोरखपुर जिलाध्यक्ष भी शामिल थे। इस बात से खफा मिर्जा दिलशाद बेग ने फोन के जरिए प्रदेश अध्यक्ष से आपत्ति दर्ज करायी। काफी बहस व गाली गलौज तक की नौबत आ गयी। जिसके बाद यह फैसला लिया गया।

पार्टी ने यूपी चुनाव के मद्देनजर सबसे पहले गोरखपुर ग्रामीण क्षेत्र से मिर्जा दिलशाद बेग को उम्मीदवार बनाया था। इसके साथ ही समीर सिद्दीकी को पार्टी का जिलाध्यक्ष बनाया गया था। पार्टी को गोरखपुर में खड़ा करने वाले समीर सिद्दीकी कार्यकर्ताओं में काफी लोकप्रिय थे। उन्होंने पार्टी के फैसले को निराशाजनक बताया हैं।

यूपी चुनाव में एआईएमआईएम उत्तर प्रदेश के अधिकतर सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की फिराक में है। उसकी निगाह प्रदेश के 110 मुसलमान बहुल सीटों पर है।। यहां पर मुस्लिम मतदाताओं की वोट प्रतिशत 30 से 39 के बीच माना जाता है। पार्टी के आकलन के अनुसार 44 सीट ऐसी हैं जहां मुस्लिम वोट प्रतिशत 40 से 49 प्रतिशत तथा 11 सीट ऐसी है जहां मुस्लिम मतदाता 50 से 65 प्रतिशत तक हैं। पार्टी इन स्थानों पर उम्मीदवार खड़ी कर मुस्लिम मत पर दावा करने वाली सपा सहित दूसरे प्रमुख दलों को बड़ी चुनौती देेना चाहती है।

एआईएमआईएम हर हाल में गोरखपुर ग्रामीण क्षेत्र से चुनाव जीतना चाहती हैं। यहां  मतदाताओं की संख्या 4 लाख है और यहां मुस्लिम, निषाद और यादव मतदाताओं की बहुलता है। वर्ष 2012 के चुनाव में भाजपा के विजय बहादुर को 58849, सपा के जफर अमीन डक्कू को 41864, बसपा के रामभुआल निषाद को 41338, कांग्रेस की काजल निषाद को 17636, पीस पार्टी के छेदी लाल को 8490 वोट मिले थे। कुल 29 प्रत्याशी चुनाव लड़े थे।
भाजपा विधायक विजय बहादुर यादव अब भाजपा में नहीं हैं।  सपा ने विजय बहादुर यादव व बसपा ने राजेश पांडे पर दांव लगाया हैं। वहीं भाजपा व कांग्रेस ने पत्ते नहीं खोले हैं। पीस पार्टी गठबंधन ने डा. संजय निषाद पर दांव लगाया हैं। गोरखपुर ग्रामीण क्षेत्र के राजनीतिक समीकरण को एमआईएमआईएम जरुर प्रभावित कर सकती हैं। खैर तमाम पार्टियों में उथल पुथल जारी है अब तो ओवैसी पार्टी भी इस जमात में आ गयी हैं। देखना दिलचस्प होगा पार्टी अब किसे नया चेहरा बनाती हैं।⁠⁠⁠⁠

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