स्वास्थ्य

एट्यूून नी प्रास्थेसिस से हुआ पूर्वांचल का पहला घुटना प्रत्यारोपण

गोरखपुर, 16 अगस्त। हड्डी एवं जोड़ प्रत्योरापण विशेषज्ञ डा. अशअर अली खान ने पन्द्रह अगस्त को गोरखनाथ की रहने वाली 60 वर्षीय काफिया खातून का प्रत्यारोपण एट्यूून नी प्रास्थेसिस के द्वारा किया। यह पूर्वांचल का पहला एट्यून घुटना प्रत्यारोपण बताया जा रहा है।
डा. अशअर अली खान  ने बताया कि घुटना प्रत्यारोपए आधुनिक तकनीक से किया गया है। इस तकनीक में छोटे चीरे से आपरेशन किया जाता है। घुटने की जो  प्रास्थेसिस लगायी जाती है वह मरीज के घुटने की सटीक नाप की होती है। अब एट्यून नी 14 साइजों में उपलब्ध है। महिलाओं एवं पुरूषों के घुटने की साइज एवं शेप को ध्यान में रख कर इन्हें बनाया गया है। घुटने की प्रोस्थेसिस के बीच जो इंसर्ट डाला जाता है वह पहले की प्रास्थेसिस में प्रयुक्त इंसर्ट के मुकाबले 1000 गुना ज्यादा मजबूत होता है।  पहले यह इंसर्ट हाइली क्रास लिंक्ड पाली का बना होता था। अब एंटी आक्सीडेण्ट विटामिन ई पाली का बना होता है। इस आपरेशन का पूरा खर्च करीब 3 लाख रूपया का आता है। कम से कम 20-25 साल तक किसी किस्म की दिक्कत नहीं होती है।

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