कोतरहां नाला सूखा, नारायणी में पानी घटकर 10 हजार क्यूसेक तक पहुंचा

कुशीनगर ,24 अप्रैल। तराई का इलाके में भी इस वर्ष जलस्तर काफी नीचे चला गया है। नदियों और नालों में इस वर्ष काफी कम पानी देखने को मिल रहा है।
नारायणी नदी और कोतरहां नाला बरसात के दिनों में पानी से भर जाते थे और पूरे वर्ष उसमें पानी की उपलब्धता बनी रहती थी लेकिन इस बार काफी कम पानी है। नारायणी नदी का जल स्तर 5 से 10 हजार क्यूसेक है। नारायणी नदी जो लगभग एक किलोमीटर चैडाई में बहती थी उसकी चैड़ाई घटकर दस मीटर हो गयी है।

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नारायणी नदी

कोतरहाॅ, सिधरिया ताल सूख गया है। खैरी मोन को देखने से साफ हो जाता कि जल स्तर कितना नीचे आ गया है।
सुखे और पानी की कमी के चलते मवेशियों के पीने के पानी की समस्या हो रही है। गंाव में बचे हुए कुओं का जल स्तर नीचे चला गया है। जो कुओं के जल स्तर देखने से पता चलता है 10 से 15 फीट जल स्तर नीचे गिर गया है। मनरेगा से बने पोखरे भी जबाब दे दिए हंै। बोधी छपरा गांव में दो बडे़ पोखरे सूख गये हैं।
जल निगम के अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि जल स्तर गिरा है लेकिन अभी इसकी पैमाइश नही की गयी है फिर भी लगभग दो फीट जल स्तर गिरा है।

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