जनपद

खेत में डंठल जलाने पर लगेगा अर्थदंड, नहीं मिलेगा सरकारी अनुदान

महराजगंज, 20 नवंबर. कृषि विभाग द्वारा आयोजित नारायणी मेले में उपकृषि निदेशक  गणेश प्रसाद दुबे ने कहा कि राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण ने खेत में  डंठल जलाने को दंडनीय अपराध  घोषित कर दिया है। इतना ही नहीं बार-बार डंठल जलाने वाले किसानों को सरकारी अनुदान देने  से भी वंचित होना पङा सकता है।
श्री दुबे ने कहा कि बिना रीपर फसल की कटाई करने पर रोक लगा दिया गया है। इसका उल्लंघन उलंघन करने पर कंबाइन सीज कर दिया जाएगा। ऐसे में किसानों से अपील है कि वे किसी भी दशा में डंठल न जलाए। खेत में डंठल जलाने से खेत की उर्बरा शक्ति क्षीण होती है।
कृषि वैज्ञानिक डाक्टर राम लखन सिंह ने कहा कि किसान ड्रिल से बुआई करें तो पैदावार बढ जाएगी। किसान लीची व केले की भी खेती से अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं।

[box type=”shadow” ] डंठल जलाने पर निर्धारित अर्थदंड

दो एकड़ से कम डंठल जलाने पर –2500 रूपए

पांच एकड़ तक डंठल जलाने पर—-5000 रूपए

पांच एकड़ से अधिक डंठल जलाने पर –15000 रूपए[/box] पशुपालन पर जोर देते हुए डाक्टर विजय चंद ने कहा कि डेयरी खोल कर भी किसान अपने जीवन में खुशहाली ला सकते हैं । डाक्टर एम के सिंह ने सागभाजी एवं हल्दी की खेती पर जोर दिया । सास्वत के सचिव नागेन्द्र पांडेय ने जैविक खेती के बारे में किसानों को विस्तार से बताया। इसी मेले में कई किसानों को अनुदान पर कृषि उपकरण दिया गया।

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