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गन्ना शोध संस्थान की भूमि पर एम्स बनाने पर पीआईएल

हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य मंत्रालय से दो हफ्ते में मांगा जवाब

गोरखपुर, 9 जुलाई। हाईकोर्ट की लखनउ खंडपीठ ने गोरखपुर में गन्ना शोध संस्थान की भूमि पर एम्स का निर्माण कराए जाने के सम्बन्ध में दाखिल पीआईएल पर केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को दो सप्ताह में हलफनामा देने का आदेश दिया है।
हाईकोर्ट ने यह आदेश पीआईएल सिविल नम्बर 14580 की सुनवाई करते हुए 5 जुलाई को दिया।
याचिकाकर्ता कृष्णकांत मणि त्रिपाठी ने अपनी याचिका में कहा कि जिस स्थान पर गोरखपुर में एम्स बनाया जा रहा है, वह गन्ना शोध संस्थान की भूमि है। यह भूमि वायुसेना केन्द्र के पास है जिसके कारण एम्स के लिए उंची बिल्डिंग का निर्माण नहीं हो सकता। पहले एम्स के लिए खुटहन में भूमि देखी गई थी। उस जमीन के सम्बन्ध में केस था जिस पर हाईकोर्ट ने 15 जुलाई को केस करने वाले व्यक्ति का दावा खारिज कर दिया। एम्स का निर्माण खुटहन में ही उचित है।
हाईकोर्ट के जज अमरेश्वर प्रताप शाही और विवेक चैधरी ने याचिका की सुनवाई करते हुए केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव को दो सप्ताह में याचिका में उठाए गए सवालों का जवाब देने को कहा है।

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