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गोरखपुर के उलेमा बोले-मुस्लिम समाज में दरार डाल रहा शिया वक्फ बोर्ड

मौलाना जहांगीर अजीजी

सैयद फरहान अहमद
गोरखपुर, 11 अगस्त। शिया वक्फ बोर्ड द्वारा बाबरी मस्जिद मामले में सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किए जाने से शहर के उलेमा खासे नाराज हैं। उलेमाओं का कहना हैं कि शिया-सुन्नी एकता मुस्लिम समाज की अहम जरुरत हैं, लेकिन कुछ लोग सियासी व जाती लाभ के लिए मुस्लिम समाज में दरार डालने का काम कर रहे हैं। यह हलफनामा उसकी एक कड़ी हैं। ऐसे लोगों का चेहरा बेनकाब हो चुका हैं। शिया-सुन्नी हजरात ऐसे लोगों से दूर रहे हैं।

मुफ्ती अख्तर हुसैन मन्नानी

मुफ्ती अख्तर हुसैन मन्नानी

तंजीम उलेमा-ए-सुन्नत के मुफ्ती अख्तर हुसैन मन्नानी ने कहा कि इस तरह के नये मसायल अपने सियासी और जाती फायदे के लिए उठाना मुसमानों के साथ धोखा है। मुस्लिम समाज में दरार डालने की नापाक कोशिश है जिसे शिया-सुन्नी हजरात बर्दाश्त नहीं करेंगे। मुस्लिम समाज को एक होकर ऐसे लोगों का बायकाट करना चाहिए जो समाज को बांटने की कोशिश कर रहे हैं। शिया वक्फ बोर्ड द्वारा सुप्रीम कोर्ट में  हलफनामा दायर कर अयोध्या में बाबरी मस्जिद स्थल पर राम मंदिर के निर्माण की वकालत करना गैर जिम्मेदाराना, अफसोसनाक कदम हैं।

मुफ्ती मोहम्मद अजहर शम्सी

मुफ्ती मोहम्मद अजहर शम्सी

तंजीम कारवाने अहले सुन्नत के सदर मुफ्ती मोहम्मद अजहर शम्सी ने कहा कि बाबरी मस्जिद मामले में 11 अगस्त से सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हैं। शिया वक्फ बोर्ड की इस तरह की हरकत से मुसलमानों को तकलीफ हुई हैं। इसकी जितनी मजम्मत की जाय कम हैं। बाबरी मस्जिद मामला शुरु से ही सुन्नी वक्फ बोर्ड व मरहूम हाशिम अंसारी वगैरह देखते रहे हैं। ऐसे में इस किस्म का मसला उठाना बेहद गलत हैं । शिया वक्फ बोर्ड की राय पर सुन्नी वक्फ बोर्ड ने पहले ही असहमति जता दी है।

हाफिज नजरे आलम कादरी

हाफिज नजरे आलम कादरी

ऑल इण्डिया टीचर्स एसोसिएशन मदारिसे अरबिया गोरखपुर शाखा के महासचिव हाफिज नजरे आलम कादरी ने कहा कि इस वक्त हम बहुत लोग  नाजुक दौर से गुजर रहे हैं। शिया-सुन्नी एकता बेहद जरुरी हैं। लेकिन चंद लोग अपनी जाती अपने फायदे के लिए इस संजीदा मसले का भी मजाक बने रहे हैं। सिर्फ सियासी फायदा उठाने के लिए शिया वक्फ बोर्ड की आड़ ली जा रही हैं।

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हाफिज व कारी अफजल बरकाती

खादिम हुसैन मस्जिद तिवारीपुर के पेश इमाम हाफिज व कारी अफजल बरकाती ने कहा कि शिया वक्फ बोर्ड का सहारा लेकर इस मामले में दखलअंदाजी बेहद गलत कदम हैं  इसकी शिया-सुन्नी हजरात को मिलकर मुखालफत करनी चाहिए। मुस्लिम समाज में दरार डालने वाले का चेहरा बेनकाब हो चुका हैं। ऐसे लोगों का शिया-सुन्नी हजरात को मिलकर बॉयकाट भी करना चाहिए।

मौलाना जहांगीर अजीजी

मौलाना जहांगीर अजीजी

मस्जिद सुभानिया तकिया कवलदह के पेश इमाम मौलाना जहांगीर अजीजी ने कहा कि यह अफसोसनाक हैं। मुसलमानों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया जा रहा हैं। शिया-सुन्नी एकता वक्त की अहम जरुरत हैं। शिया वक्फ बोर्ड को हलफनामा वापस लेना चाहिए।

गौसिया सुम्बुल

गौसिया सुम्बुल

मदरसा अध्यापिका गौसिया सुम्बुल कहती हैं कि जो चीज जिसकी मिल्कियत हैं ही नहीं वह उस पर दावा करने का हक नहीं रखता। बाबरी  मस्जिद सुन्नी वक्फ बोर्ड की हैं यह न्यायालय ने पहले ही तय कर दिया हैं तो शिया वक्फ बोर्ड को  इसमें दखलअंदाजी करने का कोई हक नहीं हैं। यह सियासी व व्यक्तिगत लालच में उठाया गया कदम है।

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