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गोरखपुर से जायेगा कम उम्र के जायरीनों का काफ़िला

महज 12 की अलवीरा व 19 के मोनिस बनेंगे हाजी

सैयद फरहान अहमद
गोरखपुर, 25 जनवरी। मुकद्दस हज के लिए चयनित होने के बाद जायरीनों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस साल के हज पर बुजुर्गों के साथ नौजवान भी खासी तादाद में जा रहे हैं। सेंट जोजफ स्कूल की छात्रा अलवीरा फातिमा (12) सबसे कम उम्र की हज यात्री हैं।

जिले से इस बार लाॅटरी द्वारा 339 को चयन हुआ है। इनमें बहुत से जायरीन ऐसे है जिनका नाम पहली बार में ही हज के लिए चयनित हुआ। गोरखनाथ की रहने वाले चौधरी कमरूद्दीन अंसारी पिछले दो बार से हज के लिए आवदेन कर रहे थे लेकिन उनका नाम 2018 के हज के लिए चुना गया। उनके साथ उनकी पत्नी शाहीन खातून और दो बेटियां मसीरा फातिमा (24) व अलवीरा फातिमा (12) भी सफर-ए-हज पर जा रही हैं। चौधरी कमरूद्दीन के मुताबिक पिछले दो बार से हम अपनी पत्नी के साथ हज के लिए आवेदन कर रहे थे लेकिन लाॅटरी में नाम नहीं आ रहा था इस बार हमनें बेटियों को भी आवेदन में शमिल किया और खुशनसीबी  से हम सब लोग चुन लिए गए। उन्होंने कहा कि अब हज के लिए कमेटी द्वारा मांगे गए दस्तावेजात को पूरा किया जा रहा है। लोगों से मिलने जुलने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। हज के लिए नाम आने से घर में खुशी का माहौल है।

ऊंचवा निवासी रिजवानुल्लाह खान पहली बार अल्लाह के घर का दीदार करेंगे। वह 19 वर्षीय बेटे मोनिस और  परिवार के अन्य दो सदस्यों के साथ हज पर जा रहे हैं। रिजवानुल्लाह के अनुसार पहली बार में ही लाॅटरी में नाम आने पर खानदान में खुशी का माहौल है। तैयारियां शुरू हो चुकी है। बेटा मोनिस भी काफी उत्साहित है।

दशहरी बाग निवासी अहमदुल्लाह अपने 22 वर्षीय बेटे मोहम्मद फरहान व परिवार के अन्य सदस्यों के साथ हज की तैयारियों में मसरूफ हैं। उन्हें तीसरी बार में हज पर जाने का मौका मिल रहा है। इससे उनके परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं है। वह बस अब अल्लाह के घर का दीदार करने के लिए दिन गिन रहे है।

नथमलपुर के रहने वाले के मोहम्मद इस्लाम  का नाम भी दूसरी बारे  में चयन हुआ है। वह अपनी पत्नी और 25 वर्षीय बेटी फिरदौस आरजू के अलावा पड़ोस के एक बुजुर्ग के साथ हज के लिए जा रहे है। उन्होंने कहा कि हज को लेकर घर और खानदान ही नहीं आसपास के लोग भी काफी उत्साहित है। मोहरीपुर के रहने  वाले 29 वर्षीय अतीउर्रहमान अपनी 26 वर्षीय पत्नी शीरीन अख्तर के साथ हज के लिए तैयारी में मश्गूल है। उन्होंने पहली बार ही हज के लिए आवेदन किया था। उन्होंने कहा कि अब दस्तावेजात पूरा करने में जुटे हुए है। बस यही दुआ है कि अल्लाह हमारे हज को कुबूल कर ले। गाजी रौजा के रहने वाले जमालुद्दीन खान 28 वर्षीय बेटे मोहम्मद सैफुद्दीन व परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मुकद्दस हज के सफर पर रवाना होंगे। इनका भी आवेदन पहली बार में स्वीकार हुआ है। इससे उनके घर में खाना-ए-खुदा के दीदार को लेकर जबरदस्त उत्साह है। तमाम लोग तैयारियों में जुटे हुए है। फिलहाल दस्तावेज पूरा करने की कार्यवाई जारी है।