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चन्द्रशेखर हत्या कांड : पुलिस की नाकामी के विरोध में व्यापारियों व कांग्रेसियों ने प्रदर्शन किया

सिसवा बाजार (महराजगंज), 7 अगस्त। चन्द्रशेखर हत्या कांड में 15 दिन से पुलिस की असफलता के विरोध में मृतक के परिजनों, व्यापारियों व कांग्रेसी कार्यकर्ताओ ने काली पट्टी बांध कर नगर का भ्रमण किया और 48 घण्टे में खुलासा नही होने पर धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी।
24 अगस्त की रात कस्बे के प्रेमचित्र मंदिर के सामने एक बाइक पर सवार तीन बदमाशो ने गोली मार कर चन्द्रशेखर की हत्या कर दी थी।परन्तु घटना के 15 दिन बीतने के बाद भी अभी तक कोठीभार पुलिस की नाकामी को देखते हुए मृतक के परिजनों और कांग्रेसी नेता राजू गुप्ता व विनोद तिवारी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं व व्यापारियों ने काली पट्टी बांध कर हाथों में स्लोगन लिखे  तख्ती लेकर और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारे लगाते हुए नगर का भ्रमण किया।अंत में रेलवे स्टेशन परिसर में  सिसवा चौकी इंचार्ज राजप्रताप सिंह को ज्ञापन सौंपा गया।

चंद्रशेखर हत्या कांड _प्रदर्शन

इस मौके पर राजू गुप्ता ने कहा कि प्रशासन द्वारा  चन्द्रशेखर हत्या कांड का खुलासा अगर 48 घण्टे के अंदर नही किया जाता है तो पूरे प्रदेश के जिला मुख्यालयों पर कांग्रेस पार्टी द्वारा गांधीवादी तरीके से विरोध प्रदर्शन किया जायेगा और सिसवा थाने के बाहर कार्यकर्त्ता अनिश्चितकालीन धरना पर बैठने के लिए बाध्य होंगे। इस प्रदर्शन में संतोष उर्फ़ अमरेंद्र मल्ल, दीपक मद्धेशिया, राकेश गुप्ता, विजय अंगारा, प्रदीप सिंह, जलाउद्दीन, कृष्णानंदन दुबे, संदीप चौरासिया,विजय जायसवाल,मनीष चौरासिया आदि मौजूद रहे।

चन्द्रशेखर हत्या कांड के खुलासे में देरी से पुलिस शक के घेरे में

बहन की शादी की बात कर अपने  मित्र के साथ कसया से लौट रहे चन्द्रशेखर की हत्या के मामले में 15 दिन बीतने के बाद भी अभी पुलिस किसी नतीजे पर नही पहुंची। अब तक एक महिला सहित डेढ़ दर्जन युवकों को क्राइम ब्रांच द्वारा उठा कर पूछ ताछ करने से नगर में दहशत है परंतु पुलिसिया कार्य प्रणाली शक के घेरे में है।

ज्ञापन_चंद्रशेखर हत्याकांड_सिसवा

चन्द्रशेखर हत्या कांड में देरी होने से जनपद में तरह तरह की अफवाहे गर्म है।साथ ही इस घटना से व्यापारियों में पहले से भय व्याप्त है।  पुलिसिया कार्यवाही ने भी युवाओं को आतंकित कर रखा है। इस घटना में अब तक नगर और क्षेत्र के एक  महिला सहित डेढ़ दर्जन से अधिक युवकों को क्राइम ब्रांच उठा कर पूछ ताछ कर के छोड़ चुकी है। कुछ लोग अभी भी पुलिस के कस्टडी में है।घटना क्रम पर नज़र डालें तो  24 अगस्त की रात चन्द्रशेखर के हत्या का चश्मदीद गवाह सिर्फ उसका दोस्त ईश्वर है।परंतु इस घटना के समय से लेकर आज तक वह पुलिस के कस्टडी में हैं।अब प्रश्न ये उठता है कि क्यों अभी तक प्रशासन उससे कोई जानकारी नही ले पाई और अगर ईश्वर कोई जानकारी नहीं दे रहा तो आखिर उसकी विवशता क्या है ? पुलिस का कहना है कि वह अपना बयान बार बार बदल रहा है। आखिर पुलिस  किसके दबाव में मामले का खुलासा करने से कतरा रही है ?