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छात्र संघ अध्यक्ष पर एफआईआर के खिलाफ प्रदर्शन, ‘ जय भीम – जय मंडल ‘ का नारा गूँजा

डीएम कार्यालय जा रहे छात्रों को पुलिस ने रोका, प्रदर्शनकारियों ने एबीवीपी के दबाव पर एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाया
गोरखपुर, 8 जून। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं से झड़प की घटना में गोरखपुर विश्वविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष सहित 30 छात्रों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किए जाने से दलित, ओबसी छात्र संगठनों में जबर्दस्त नाराजगी है। इन संगठनों ने एबीवीपी के दबाव पर पुलिस प्रशासन पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हुए आज गोरखपुर विश्वविद्यालय गेट पर प्रदर्शन किया और ज्ञापन देने के लिए डीएम कार्यालय की तरफ कूच किया लेकिन पुलिस ने उन्हे विश्वविद्यालय गेट पर ही रोक लिया। सिटी मजिस्टेट ने वहीं आकर ज्ञापन दिया और आश्वासन दिया कि घटना की जांच होने के बाद ही कार्रवाई होगी।

2अंबेडकारवादी छात्र सभा

आज के प्रदर्शन का ऐलान अम्बेडकरवादी छात्र सभा ने किया था। पूर्व घोषणा की मुताबिक छात्रों को विश्वविद्द्यालय गेट से जिलाधिकारी कार्यालय पहुँचकर इस मामले पर ज्ञापन देना था। छात्र ज्यों ही पंत पार्क से निकले पुलिस ने प्रशासनिक भवन के सामने सड़क को बैरीकेड़ कर उन्हें रोक दिया । इस पर छात्र आक्रोशित हो गए और सडक पर ही बैठकर नारेबाजी शुरू दी। छात्र “अम्बेडकरवादी छात्रों का उत्पीड़न बंद करो”,  ” फर्जी मुकदमे वापस लो” , “बहुजन विरोधी सरकार मुर्दाबाद” , “जय भीम – जय मंडल ”  का नारा लगा रहे थे।

3अंबेडकारवादी छात्र सभा

इसी दौरान  छात्रो का ज्ञापन लेने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट वहाँ पहुचे, तब जाकर छात्र शांत हुए । कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे अम्बेडकरवादी छात्रसभा के अध्यक्ष अमर सिंह पासवान , डॉ राजेश यादव , डॉ हितेश सिंह, धीरेन्द्र प्रताप ने सम्पूर्ण मामले की निष्पक्ष जाँच करा दोनों पक्षो पर बराबर की कार्यवाही कराने अथवा एकतरफा लगाए मुकदमो को समाप्त करने, झड़प की मामूली घटना में गुंडा एक्ट और गैंगेस्टर जैसी धाराओं को हटाने की मांग से संबंधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को  दिया। एकसप्ताह में मांग पूरी न होने पर आंदोलन करने की चेतावानी भी दी गई।
छात्र नेताओं ने कहा कि 4 जून को घटित हुआ सारा प्रकरण स्थानीय पुलिस, विश्वविद्द्यालय के  सुरक्षाकर्मियों के सामने घटित हुआ और पूरी घटना विश्वविद्द्यालय सीसी टीवी कैमरे में रिकार्ड है लेकिन पुलिस भाजपा के छात्र संगठन एबीवीपी के दबाव में बिना किसी प्रकार की   पड़ताल किए एकतरफा कार्यवाही कर रही है। पुलिस ने छात्रसंघ अध्यक्ष अमन यादव, सुनील कुमार पासवान, कुलदीप यादव, राजीव यादव समेत 30 अज्ञात लोगों पर गंभीर मुकदमे लगाए गए । छात्रो पर लगे मुकदमे 7 वर्ष से कम की सजा है और कानूनन 7 वर्ष से कम सजा वाले किसी मुकदमे में पुलिस किसी को सीधे गिरफ्तार नही कर सकती परंतु सत्ता दबाव में इन्हें परेशान करने के लिए इनके घरों में छापेमारी भी शुरू हो गई । उन्होंने कहा कि यह अन्यायपूर्ण है और इसे बर्दाश्त नही किया जाएगा ।

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