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छात्र संघ की पूर्व उपाध्यक्ष शालू यादव पर हमले के खिलाफ छात्र-छात्राओं ने प्राक्टर और थाने का घेराव किया

आरोपी एबीवीपी नेताओं की गिरफ्तारी की मांग करने पर कर्नलगंज के  इंस्पेक्टर समीर सिंह ने दिया अजीब बयान -कहा थाना फूंक दो इलाहाबाद , 11 अगस्त। इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्र संघ की पूर्व उपाध्यक्ष शालू यादव पर एबीवीपी कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए हमले के खिलाफ आज छात्र-छात्राओं ने विश्वविद्यालय के प्राक्टर और थाने का घेराव किया। छात्र-छात्राओं ने एफआईआर दर्ज होने के 24 घंटे बाद भी हमलावरों को गिरफ्तार न किए जाने पर आक्रोश व्यक्त किया। छात्र-छात्र आज दोपहर छात्र संघ भवन पर एकत्र हुए और जुलूस निकाला। सबसे पहले प्राक्टर का घेराव कर आरोपी एबीवीपी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई कि मांग की। इसके बाद छात्र -छात्राएं नारे लहाते हुए कर्नलगंज थाने  पहुंचे और थाने का घेराव किया। कर्नलगंज  थाने के इंचार्ज ने कल वायदा किया था कि चौबीस घंटे के अंदर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा लेकिन इस आश्वासन के बावजूद आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया। थाने पर जब छात्र-छात्राओं का हुजूम गिरफ्तारी की मांग करते हुए पंहुचा तब इंस्पेक्टर समीर सिंह ने शालू यादव से फोन पर कहा कि आप लोग थाना फूँक दो। फोन पर ही शालू यादव ने समीर सिंह की इस बात का विरोध किया। उन्होंने कहा कि हम लोग थाना फूंकने नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक ढंग से नया मांगने आए हैं। शालू यादव ने कहा कि कर्नलगंज इंस्पेक्टर का उक्त बयान दिखाता है कि उत्तर प्रदेश पुलिस कितनी संवेदनहीन हो चुकी है। पुलिस न्याय दिलाने और कानून की रक्षा करने के बजाय लोकतांत्रिक ढंग से न्याय मांग रहे छात्र-छात्राओं को अपराध करने को उकसा रही है। कल दोपहर बाद 3 बजे इलाहाबाद वि.वि. कैम्पस में आइसा के कार्यकर्ताओं पर एबीवीपी के लोगों ने हमला कर दिया। यह हमला उस समय किया गया, जब इ.वि.वि. प्रशासन द्वारा कुछ छात्रों को निलंबित करने के विरोध में आयोजित धरने में शामिल होने शालू यादव, शिवानी, शक्ति, मनीष आदि आइसा कार्यकर्ता गए थे। इसी समय एबीवीपी के लोगों ने इनके साथ गाली-गलौज की। एक कार्यकर्ता को थप्पड़ भी मारा गया। इससे पहले आइसा के राष्ट्रीय सचिव सुनील मौर्य भी हमला किया गया था। इस घटना मे एबीवीपी के दो नेताओं पर धारा 147, 323, 504, 506 व 354 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है लेकिन 24 घंटे बाद भी गिरफ्तारी नहीं हुई है।