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जापानी इंसेफेलाइटिस से नेपाली लड़की की मौत

लड़की के पिता लेहड़ा बाजार में करते हैं चौकीदारी

बृजमनगंज (महराजगंज) , 5 सितम्बर। बृजमनगंज क्षेत्र के फुलमनहा ग्रामसभा के अनुकपुर में रह रहे नेपाली दिनेश थापा की बेटी मनीषा चार दिन तक जापानी इंसेफेलाइटिस से बीआरडी मेडिकल कालेज में जूझती रही लेकिन चार सितम्बर की सुबह 10.45 बजे उसकी सांसे थम गईं।
नौ वर्षीया मनीषा, दिनेश की दो बेटियों में सबसे बड़ी थी। वह प्राथमिक विद्यालय लेहड़ा बाजार मे कक्षा 2 मे पढ़ती थी। उसकी छोटी बहन 5 वर्षीय दीपिका कक्षा 1 मे पढ़ती है। मनीषा के पिता दिनेश थापा नेपाल के अछाम जिले के रहने वाले हैं। रोजगार की तलाश में पांच वर्ष पहले वह बृजमनगंज आए। उन्होंने लेहड़ा बाजार और आस-पास के कुछ गांवों में पहरेदारी का काम शुरू किया। पहरेदारी के एवज में वह हर दुकान व घर से दो से चार रूपया महीना लेते थे। बाद में वह अपनी पत्नी अस्मित और दोनों बेटियों को भी साथ ले आए। दोनों बेटियां प्राथमिक विद्यालय लेहड़ा में पढ़ने लगीं।

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28 अगस्त को मनीषा को बुखार आया। गरीब दिनेश ने मेडिकल स्टोर से बुखार की दवा लाकर दी लेकिन बुखार दिन ब दिन तेज होता गया। दिनेश ने एक प्रावइेट अस्पताल में भी दिखाया लेकिन फायदा नहीं हुआ। तीन दिन बाद 31 अगस्त की सुबह मनीषा को जोर से झटके आने लगे और वह बेहोश हो गई। उसे बृजमनगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने जांच कर इंसेफेलाइटिस बताते हुए उसे बीआरडी मेडिकल कालेज रेफर कर दिया गया।

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दिनेश बेटी को लेकर मेडिकल कालेज पहुंचा और सुबह साढे ग्यारह बजे उसे भर्ती कर लिया गया। इसी बीच उसकी जांच हुई तो वह जेई पाजिटिव पायी गई। यानि उसे जापानी इंसेफेलाइटिस था जो कि मच्छरों के काटने से होता है।
बीआरडी मेडिकल कालेज में चार दिन तक चिकित्सक उसका उपचार करते रहे लेकिन चार सितम्बर की सुबह मनीषा ने दम तोड़ दिया।
बेटी की मौत ने दिनेश और अस्मित को गहरा सदमा दिया है। दोनों की हालत रोते-रोते खराब हो गई है।

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