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जेल में बंद बीआरडी मेडिकल कालेज के पूर्व प्राचार्य डा. राजीव मिश्र इलाज के लिए लखनऊ भेजे गए

डॉ राजीव मिश्र (फाइल फोटो)

गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कालेज में आक्सीजन की कमी से हुई बच्चों की मौत के मामले में जेल में बंद पूर्व प्राचार्य डा. राजीव मिश्र को कल सुबह इलाज के लिए लखनऊ स्थित डाॅ.राम मनोहर लोहिया इंस्टीच्यूट भेज दिया गया। वह ह्दय रोग और डायबिटीज के मरीज हैं और एक सप्ताह से उनकी तबियत खराब है। चिकित्सकों की सलाह पर उन्हें इलाज के लिए लखनऊ भेजा गया है। उन्हें  डाॅ.राम मनोहर लोहिया इंस्टीच्यूट आफ मेडिकल साइंसेज के आइसीयू में भर्ती किया गया है।

डा. मिश्र ने जनवरी महीने में ही जेल प्रशासन से सीने में दर्द और रीढ़ की हड्डी में दर्द की शिकायत की थी। उनका कहना था कि जिला कारागार में विशेषज्ञ चिकित्सक न होने के कारण उनका समुचित इलाज नहीं हो पा रहा है। उन्होंने 16 जनवरी को विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण 3 को आवेदन देकर जिला प्रशासन को विशेषज्ञ चिकित्सक से इलाज कराने का आदेश देने का अनुरोध किया था। इस आवेदन में उन्होंने कहा था कि वह ह्दय रोगी हैं और वर्ष 2011 से उनका इलाज नई दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में चल रहा है। अत्यधिक ठंड के कारण सीने और रीढ़ की हड्डी में दर्द बढ़ गया है लेकिन जिला कारागार में विशेषज्ञ चिकित्सक न होने के कारण इलाज नहीं हो पा रहा है।

उनके आवेदन पर अदालत ने जेल प्रशासन को उनका इलाज विशेषज्ञ चिकित्सक से कराने का आदेश दिया था।

पांच दिन पहले उनकी तबियत ज्यादा खराब हो गई। तब 19 मार्च को वरिष्ठ जेल अधीक्षक धनीराम ने प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल को पत्र लिखकर डा, राजीव मिश्र व एक अन्य वंदी का परीक्षण करने के लिए ह्दय रोग विशेषज्ञ को जिला कारागार के अस्पताल में भेजने का अनुरोध किया। एक दिन बाद जिला कारागार अस्पताल आए जिला अस्पताल के ह्दय रोग विशेषज्ञ ने डा राजीव मिश्र का परीक्षण किया और उन्हें इलाज के लिए हायर सेंटर भेजने की संस्तुति की।

जेल प्रशासन ने चार दिन बाद 24 मार्च को डा.राजीव मिश्र को इलाज के लिए बीआरडी मेडिकल कालेज भेजा। बीआरडी मेडिकल कालेज में काफी समय से कोई ह्दय रोग विशेषज्ञ नहीं है। वहां पर मेडिसीन विभाग के अध्यक्ष डा. माहिम मित्तल ने डा.राजीव मिश्र का परीक्षण किया और कार्ट एंजियोग्राफी और स्टेस इको जांच की जरूरत बतायी। उन्होंने विशेषज्ञ कार्डियोलाजिस्ट की सलाह की जरूरत बताते हुए डा. राजीव मिश्र को डाॅ.राम मनोहर लोहिया इंस्टीच्यूट लखनऊ ले जाने की सलाह दी थी। चिकित्सकों की सलाह के बाद उन्हें 26 मार्च की सुबह लखनऊ भेजा गया।

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