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ट्रांजिट एसी लाउंज जनता के लिए है या रेल अफसरों के लिए

फ़र्स्ट क्लास टिकटधारी यात्री ने लाउंज से बाहर किए जाने पर रेलवे से पूछा सवाल

गोरखपुर रेलवे स्टेशन का ट्रांजिट एसी लाउंज क्यों रहता है बंद

गोरखपुर, 19 अप्रैल। गोरखपुर रेलवे स्टेशन का ट्रांजिट एसी लाउंज क्यों बंद रहता है और रेल अफसरों के लिए ही खोला जाता है जबकि इसे रेलवे यात्रियों के उपयोग के लिए बनाया गया है।
यह सवाल उठाया है गोरखपुर निवासी सीए पंकज जायसवाल ने। पंकज जायसवाल को 26 जनवरी और 3 फरवरी को गोरखपुर रेलवे स्टेशन के ट्रांजिट एसी लाउंज का इस्तेमाल करने से रोक दिया गया था। इस बारे में उन्होंने रेल मंत्रालय को भी शिकायत की है और कहा है कि रेल यात्रियों के लिए बने ट्रांजिट एसी लाउंज का दुरूपयोग हो रहा है। रेल यात्रियों के बजाय सिर्फ रेल अफसर इसका उपयोग कर रहे हैं और उन्हीं के उपयोग के लिए इसे खोला जाता है। यात्री इसका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं।
श्री जायसवाल ने बताया कि उन्होंने 26 जनवरी 2017 को मैंने लखनऊ से गोरखपुर ट्रेन नंबर 15008 के फ़र्स्ट एसी मे सपरिवार यात्रा की। साथ में पत्नी और दो छोटे बच्चे थे। ट्रेन सुबह सुबह 6 बजे गोरखपुर पहुंची। यात्रा की थकान था और लेने आने वाली गाड़ी के लेट होने के कारण मैने स्टेशन खुले ट्रांजिट एसी लाउंज में आराम करने का निर्णय लिया। अभी मै वहां बैठा ही था कि एक महिला रेल कर्मचारी आई और मुझे एसी लाउंज से बाहर जाने को कहा। मैंने उन्हें आपत्ति की तो उन्होंने कहा कि आज डीआरएम साहब का दौरा है। इसलिए यह लाउंज खुला है। यह सिर्फ रेलवे के अधिकारियों एवं वीवीआईपी के लिए है। मुझे जबर्दस्ती लाउंज से निकाल दिया गया। मैंने वहाँ सभी अटेंडेंट से पूछा तो सबने यही कहा कि यह रेलवे अधिकारियों के लिए ही खुलता है, यात्रियों के लिए नहीं। मैंने नोट भी किया कि जैसे ही डीआरएम साहब अपने सैलून से रवाना हुए, ट्रांजिट एसी लाउंज बंद कर दिया गया।

NE Railway RTI Reply Page 2

मैंने तुरंत डीआरएम लखनऊ और रेल मंत्रालय को फोटो के साथ ट्वीट किया। रेल मंत्रालय ने डीआरएम को ट्वीट फॉरवर्ड किया। डीआरएम ने ट्वीट किया कि मैटर नोट कर लिया गया है और स्टेशन का नाम पूछा।
दुबारा तीन फरवरी को जब मैंने उसी ट्रेन से पीएनआर नंबर 2555732843 से यात्रा किया और उस ट्रांसिट एसी लाउंज का इस्तेमाल करना चाहा मुझे फिर रोक दिया गया जबकि मैं फस्र्ट क्लास टिकट का धारक था।
मैंने अपनी जानकारी और तसल्ली के लिए एक फरवरी को पूर्वोत्तर रेलवे को एक ऑनलाइन आरटीआई डाला। इस आरटीआई का 17 अप्रैल 2017 को मिला जिसमे स्पष्ट रूप से लिखा हुआ है की वह ट्रांजिट एसी लाउंज जनता और सिर्फ जनता के लिए ही बना है और उसे 24 घंटे खुला रखना है।