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ट्रांबे रेल चलाने के लिए दिल्ली से आई दो सदस्यीय टीम

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-टीम दस दिन में भारत सरकार को सौंप देगी रिपोर्ट
-एकमा  से टेढीघाट के बीट ट्रांबे रेल चलाने पर हो रहा विचार

-एकमा से टेढीघाट तक बिछी 15 किमी रेल लाइन का भी तकनीकी अध्ययन लिया

महराजगंज , 16  सितम्बर. रेलवे के अवकाश प्राप्त एक वरिष्ठ अधिकारी के नेतृत्व में दिल्ली से आई दो सदस्यीय टीम ने शनिवार को सोहगीबरवा के लक्ष्मीपुर रेंज में स्थित ट्रांबे रेल इंजन तथा एकमा से टेढीघाट तक बिछी 15 किमी रेल लाइन का तकनीकी अध्ययन किया। यह टीम दस दिन के अंदर अपनी रिपोर्ट भारत सरकार को सौंप देगी ।
जबसे सोहगीबरवा को सूबे की छह यूको टूरिज्म क्षेत्र में शामिल किया गया , तबसे सोहगीबरवा को पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने की कवायद तेज हो गई है  ।
पहले वन विभाग ने सोहगीबरवा को पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने लिए चार सर्किट में बांट कर सात करोड़ का एक्शन प्लान तैयार कर शासन में भेज दिया । अभी एक्शन प्लान भेजे बमुश्किल दस दिन ही हुए होंगे कि ट्रांबे रेल इंजन, एकमा से टेढी घाट तक बिछी रेल पटरियों सहित अन्य स्थितियों का अध्ययन करने दिल्ली से दो सदस्यीय टीम शनिवार को सोहगीबरवा पहुंची ।
इस संबंध में सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग के प्रभारी वनाधिकारी मनीष सिंह ने बताया कि टीम ने सबसे पहले एकमा में रखी रेल इंजन तथा उससे जुड़ी हर पहलुओं पर तकनीकी अध्ययन किया । इसके बाद एकमा से टेढी घाट तक बिछी 15 किमी रेल लाइन पटरियों को भी देखा। रेल के रिटायर अधिकारी ने बोगियों को भी देखा। पर्यटन की दृष्टि को ध्यान में रख कर टीम ने एक एक पहलुओं पर बारिकी से देखा।
टीम की नजर में सबकुछ ठीक-ठाक रहा तो सोहगीबरवा को पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने का रास्ता साफ हो जायेगा । कुशीनगर, कपिलवस्तु तथा श्रावस्ती तक आने-जाने वाले पर्यटको को सोहगीबरवा की ओर लुभाने का मार्ग प्रशस्त हो जायेगा ।