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डीएम ने जे.एच.वी.शुगर मिल का लाइसेन्स निरस्त करने की सिफ़ारिश की

पुनीत मिश्र/रवि सिंह

गन्ना मूल्य,  विकास कमीशन तथा बैंक का कर्ज सहित चीनी मिल पर 11631.59 लाख रुपए का बकाया

महराजगंज
जे.एच.वी. शुगर मिल गडौरा पर अवशेष गन्ना मूल्य,  विकास कमीशन तथा बैंक का कर्ज भुगतान न करने के कारण जिलाधिकारी ने मिल का लाइसेन्स निरस्त करने के लिए गन्ना आयुक्त के पत्र लिखा है ।

गन्ना मिल पर कई सत्रों का गन्ना मूल्य बकाया है। मिल पर पेराई सत्र 2014-15 का बकाया गन्ना मूल्य 2972.45 लाख रुपये है तो वही इसी सत्र का विलम्बित अवधि पर ब्याज  भी 1355.99 लाख रुपये बकाया है। पेराई सत्र 2016-17 का मिल पर बकाया गन्ना मूल्य 337.34 लाखऔर विलम्बितअवधि पर ब्याज भी 19.91 लाख रुपये बकाया है। इसी सत्र का बकाया विकास कमीशन 35.09 लाख रुपये मिल पर बकाया है। पेराई सत्र  2011-12 का बकाया विकास कमीशन 39.13 लाख रुपये तथा उच्च न्यायालय के निर्णय से मिल पर सत्र  2012-13 का अवशेष विकास कमीशन  76.64 लाख रुपये तथा सत्र 2014-15 का अवशेष विकास कमीशन 102.08 लाख रुपये भी बकाया है।

इस प्रकार अन्य बकाया धनराशि को लेकर मिल पर कुल 11631.59 लाख रुपये बकाया है ।
किसानो के प्रति चीनी मिल के प्रबन्ध निदेशक द्वारा रुचि नही लिया जा रहा है जिसके कारण गन्ना किसानों में काभी आक्रोश है। ऐसा लग रहा है कि मिल प्रबन्धक के उदासीनता के कारण किसानों द्वारा नये गन्ना पेराइ सत्र में कोइ भी अप्रिय घटना घट सकती है। इसी नाजुक स्थिति को देखते हुए जिला गन्ना अघिकारी ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि जे एच वी शुगर लिमिटेड गडौरा के प्रति किसानो मे काफी अविश्वास है जिससे कि गन्ना किसानों का गन्ने की खेती से मोह भंग होने की स्थिति है ।इस तरह गन्ना मूल्य भुगतान खराब होने तथा गन्ना किसानो का चीनी मिल गडौरा के प्रति अविश्वास पैदा हो रहा है ।सभी पहलुओं को देखते हुए जिलाधिकारी विरेन्द्र कुमार ने चीनी मिल को प्रदत्त लाइसेन्स निरस्त करने के लिए गन्ना आयुक्त को पत्र लिख दिया  है ।

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