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तीन तलाक का मसला मुसलमान खुद हल करने में सक्षम : आमिना रिजवान

आमिना रिजवान, आल इंडिया मुस्लिम लॉ बोर्ड मेम्बर

अशफाक अहमद
गोरखपुर, 3मार्च। मुसलमानों को अपने मसले और मसाइल शराई अदालत से हल करना चाहिए । मुसलमानों के पास कुरआन है जिसमें सारे मसले व मसाइल का हाल मौजूद है। मुसलमानों के दरमियान का मसला है ‘तीन तलाक’ वह खुद समझ लेंगे।

यह बातें ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड की सदस्या आमिना रिजवान ने रविवार को गोरखपुर में खास बातचीत के दौरान कहा।
गोरखपुर में निस्वां मदरसे के कार्यक्रम में शिरकत करने आई आमिना ने कहा कि तीन तलाक का मसला हम खुद सुलझा लेंगे। बेवजह इस मसले को मुद्दा बनाया जा रहा है। उन्होंने मुसलमानों से अपील करते हुए कहा कि अपने मामले शरई अदालत से हल करवायें। मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड ने देश के सभी शहरों में दारुल कजा कायम किया हैं जहां मुसलमान अपने मसले- मसाइल को शरीयत की रोशनी में हल कर सकता है । उन्होंने कहा लोगों को दारुल कजा के लिए जागरुक किया जा रहा है । ‘तीन तलाक’ के मसले पर बोलते हुए कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की जानिब दस्तखत मुहिम चलाई गई थीं। जिसमें लगभग चार करोड़ से ज्यादा फार्म आए। उन्होंने बताया कि बोर्ड दिन बा दिन काम कर रहा है। पिछले वर्ष औरतों के लिए वीमेंस विंग कायम किया गया है। जिससे औरतों को मसले-मसाइल की जानकारी दी जा रही हैं। बोर्ड ने टोल फ्री नंबर हेल्पलाइन शुरू की हैं।⁠⁠⁠⁠

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