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थाना, तहसील, कलेक्ट्रेट से सीएम आफिस तक ढेला की अर्जियों की सुनवाई नहीं

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चार महीने से अपनी भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए अफसरों को अर्जियां दे रहा है ढेला

चुनावी रंजिश में प्रधान ने उसकी निजी भूमि में बना दिया रास्ता

⁠⁠⁠निचलौल (महराजगंज), 23 सितम्बर. निचलौल तहसील क्षेत्र के ग्राम बुढाडीह कला निवासी ढेला अपनी निजी भूमि से अतिक्रमण हटवाने को लेकर चार महीनों से तहसील, थाना, कलेक्ट्रेट से लगायत कमिश्नरी का चक्कर काट रहा है. सम्पूर्ण समाधान दिवस से लेकर थाना समाधान दिवस के साथ साथ मुख्यमंत्री तक अर्जी और गुहार लगाने के बाद भी ढेला की भूमि से अतिक्रमण नहीं हटा.  अलबत्ता अधिकारियों का रौब और फटकार जरुर सुनने को मिली। हद तो तब हो गयी जब एसडीएम का एक आदेश ले पीडित तहसीलदार के पास पहुंचा और उसे देखते ही आपे से बाहर हुये तहसीलदार ने उसे फटकारते हुये चैम्बर से बाहर कर दिया।तहसीलदार के इस व्यवहार से आहत ढेला ने आमरण अनशन की चेतावनी दी है।
शनिवार को मुख्यमंत्री को लिखे अपने चौथे पत्र में बुढाडीह कला निवासी ढेला पुत्र डोलई ने कहा है कि अराजी नम्बर 32, रकबा 0.121 हेक्टेयर उसकी निजी भूमिधरी है।उसने चार वर्ष पहले  सीमांकन करा कर पत्थर नसब भी कराया है लेकिन चुनावी रंजिश में खार खाये ग्राम प्रधान उसकी निजी भूमि से जबरियां रास्ता निकाल कर बाकायदा उसके दीवाल को तोड रातों रात खडंजा करा दिये। तबसे लेकर न्याय की आस में दर दर भटक रहा है।

अपनी निजी भूमि में बगैर किसी सूचना और समझौते के प्रधान द्वारा दिवाल तोड बनाई गयी सडक को हटवाने और अपनी भूमि को खाली कराने को लेकर ढेला की लडाई करीब चार माह पूर्व 3 मई को शुरु हुई।सबसे पहले एसडीएम से पीडित ने शिकायत की और एसडीएम ने मामले में जांच का आदेश भी दिया।जांच में ढेला की शिकायत सही भी पाई गयी। इसके बाद एसडीएम ने अतिक्रमण हटवाने का आदेश भी दिया, लेकिन आज तक अतिक्रमण नहीं हट सका है।इस दौरान न्याय की अर्जी ले ढेला दर्जनों बार एसडीएम, डीएम, कमिश्नर और यहा तक की मुख्यमंत्री से तीन तीन बार मिल कर शिकायत की और न्याय की गुहार लगाई। सीएम ने अतिक्रमण हटवाने का आदेश भी दिया लेकिन राजस्व विभाग के अधिकारियों पर इसका कोई असर नहीं हुआ।

इधर तहसील दिवस, सम्पूर्ण समाधान दिवस और पुलिस समाधान दिवस में भी ढेला की अर्जियां लगती रही और कई बार अतिक्रमण हटवाये जाने की तारिख भी नियत हुई लेकिन अधिकारी कभी मौके पर नहीं पहुंचे कोई न कोई बहाना बना कर अधिकारी ढेला को टालते रहे। इस बीच एसडीएम का एक आदेश लेकर बीते शाम ढेला तहसीलदार के चैम्बर में पहुंचा।उसे देखते ही तहसीलदार साहब बिगड गये और फटकारते हुये उसे चैम्बर से बाहर का रास्ता दिखा दिया।

निराश ढेला ने चौथी बार मुख्यमंत्री को लिखे गये अपने पत्र में तहसीलदार के कथित व्यवहार का हवाला देते हुये जांच व कार्यवाई की मांग करते हुये आन्दोलन की चेतावनी दी है। ढेला ने सीएम को लिखे गये अपने पत्र की एक एक प्रति एसडीएम, डीएम व कमिश्नर को भी भेजा है।उसका कहना है कि 15 दिन के अन्दर उसके निजी भूमि से अतिक्रमण नहीं हटा तो वह तहसील प्रशासन और ग्राम प्रधान के विरूद्ध तहसील परिसर में आमरण अनशन को बाध्य होगा।

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