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दलितों और अल्पसंख्यकों पर हमले के खिलाफ भाकपा माले ने दिया धरना

घडि़याली आंसू बहाना बंद कर हमले के दोषियों पर कार्रवाई करें मोदी
गोरखपुर, 9 अगस्त। ऐतिहासिक भारत छोड़ो आन्दोलन की बरसी पर आज भाकपा माले ने आज गुजरात, मध्य प्रदेश, हरियाणा सहित अनेक राज्यों में आरएसएस के सहयोगी संगठनों द्वारा गोरक्षा के नाम पर दलितों और अल्पसंख्यकों पर हमले के खिलाफ डीएम कार्यालय पर धरना दिया। बारिश के बावजूद धरने में सैकड़ों लोग एकत्र हुए और दलितों और अल्पसंख्यकों पर हमले के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
इस मौके पर हुई सभा में कई दलित संगठनों के नेता भी शामिल हुए। धरना एवं सभा को सम्बोधित करते हुए भाकपा माले के जिला सचिव राजेश साहनी ने कहा कि केन्द्र में भाजपा के सत्ता में आने के बाद से पूरे देश में खास कर भाजपा शासित राज्यों में दलितों और अल्पसंख्यकों पर हमले बढ़ गए हैं। एक के बाद एक घटनाएं हो रही हैं लेकिन दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई होने के बजाय सत्ता द्वारा उन्हें संरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा एक महीने बाद दलितों पर हमले पर दिए गए बयान को नौटंकी करार देते हुए कहा कि दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय घडि़याली आंसू बहाने का नाटक अब नहीं चलने वाला है। देश की जनता इस नाटक को समझ चुकी है। उन्होंने गोरखपुर जिले में दलितों, गरीबों, मजदूरों को आवास, राशन और मनरेगा में काम दिए जाने की स्थिति पर आक्रोश जताते हुए कहा कि यदि इस स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
सभा को बौद्ध महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राम आसरे, अम्बेडकर सुधार समिति गुलरिहा के अध्यक्ष रमाकांत अम्बेडकर, दलित शिक्षक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष श्रवण, राष्ट्रीय जनवादी क्रांतिकारी पार्टी के जिला सचिव चन्द्रिका भारती, जन संस्कृति मंच के राष्ट्रीय सचिव मनोज कुमार सिंह, एपवा नेता जगदम्बा, मनोराम चौहान , अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा के नेता विनोद भारद्वाज, इनौस नेता सोनू श्रीवास्तव, किसान सभा के नेता प्रभुनाथ सिंह, कामरेड श्रीराम आदि ने सम्बोधित किया और कहा कि गुजरात में शुरू हुए दलित आंदोलन को पूरे देश में ले जाना होगा। धरना-सभा की अध्यक्षता श्यामाचरण ने की।
rajesh sahni
इस मौके पर प्रधानमंत्री को सम्बोधित एक ज्ञापन दिया गया जिसमें दलितों व अल्पसंख्यकों पर हमले पर रोक लगाने, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने, एससीएसटी एक्ट को मजबूत कर प्रभावी ढंग से लागू करने, गोरक्षा समितियों पर प्रतिबंध लगाने, गरीबों और दलितों को खेती व आवासीय भूमि देने की मांग की गई है। इसके अलावा डीएम को सम्बोधित एक ज्ञापन सौंपा गया जिसमें जंगल छत्रधारी, जंगल पकड़ी, जंगल औराही, जंगल एकला न. 1, हरिसेवकपुर, मोहनापुर, गुलरिया, भिसवा, लहुरादेउर, कटहर, सेमरा देवीप्रसाद, झरवा खिरवनिया, लालपुर टीकर आदि गांवांे में गरीबों का शौचालय तुरन्त बनाने, जिले के सभी गांवों के 80 फीसदी परिवारों को खाद्य सुरक्षा एक्ट में शामिल करने, जाब कार्ड धारकों को काम देने की मांग की गई है।
धरना-सभा में सुनील  निषाद, लक्ष्मी निषाद, अजय भारती, सुदर्शन निषाद, नन्हे प्रसाद, सुभाष पाल, दीना, मनोज मिश्र, अरूण प्रकाश पाठक आदि मौजूद थे।

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