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देश में सबसे बड़ा खतरा सेक्युलर शब्द से है : सैयद शहनवाज हुसैन

 दैनिक हिंदी समाचार पत्र ‘ न्यूज फॉक्स ‘ का लोकार्पण
जिन्होने 55 साल राज किया वे मुसलमानों की गरीबी , पिछड़ेपन के जिम्मेदार – महंत आदित्यनाथ 
गोरखपुर, 28 अक्टूबर। पूर्व केंद्रीय मंत्री व भाजपा के प्रवक्ता सैयद शहनवाज हुसैन ने कहा कि ढोंगियों के हाथों मुसलमान सुरक्षित नहीं हैं। कुछ लोग सेक्युलरिज्म का पैमाना बनाए हुए है। जिस धर्म में पैदा हुए हैं उसी को गाली देना अब सेक्युलरिज्म हो गया है। छोटी-छोटी बातों पर टोपी पहनकर इफ्तार पार्टी करा ली एवं सऊदी अरब वाला गमछा रख लिया और हो गए सेकुलर। जैसे सेकुलर बनाने की कोई मशीन हो। देश में सबसे बड़ा जो खतरा है वो सेक्युलर शब्द है। यानी आप कुछ मत करो अल्पसंख्यकों के लिए सेक्युलरिज्म का चोला पहने रहो।
शहनवाज हुसैन शुक्रवार को गोरखपुर क्लब में दैनिक हिंदी समाचार पत्र न्यूज फॉक्स के लोकार्पण के मौके बोल रहे थे। उन्होंने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि मुसलमानों के लिए सच्चर कमेटी की रिपोर्ट आई। उसमें कहा गया कि मुसलमान बहुत पिछड़े हुए हैं, गरीब हैं, बेराजगार हैं।  आखिर किसकी वजह से। जिन लोगों ने हुकुमत किया है उनकी वजह से या वाजपेयी, मोदी और योगी आदित्यनाथ की वजह से। कहा कि जिन पर आपने ज्यादा भरोसा किसा उन्होंने ज्यादा धोखा दिया और आपके जज्बात से खेलने का काम किया।
उन्होने कहा कि जब कोई अखबार शुरू होता है तो उस अखबार की सुर्खी और उसके अंदाज से पता चल जाता है कि उस अखबार के संपादक कौन है और वह किन रास्तों पर चलेगा। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि बहुत सी मैगजीन आती हैं उसका कागज और छपाई बहुत अच्छी और चकमदार होती है, लेकिन लोग उसकी चमक से उसे नहीं पढ़ते बल्कि उन मैगजीन को पढ़ते हैं जिनका स्तर बना हुआ है। हुसैन ने उम्मीद जताया कि न्यूज फॉक्स को गोरखपुर में लोग बहुत ध्यान से पढ़ेंगे।
मुख्य अतिथि महंत आदित्यनाथ ने कहा कि देश के अंदर एक नए मुद्दे को प्रसारित किया जा है। अपने पूर्वजों के प्रति अपनी श्रद्धा और आस्था को व्यक्त करना कभी सांप्रदायिकता नहीं हो सकती। वह राष्ट्रीय काम है। वही तो हमारी राष्ट्रभक्ति का पैमाना है। उसको पहचानने का प्रयास किया  होता तो देश में किसी सच्चर कमेटी बनाने की नौबत नहीं आती। आज देश के अंदर मुसलमान गरीब, पिछड़ा और समाज की मुख्यधारा से कटा हुआ है तो दोषी कौन है। क्या दोषी मोदी जी है जो ढ़ाई साल से सरकार चला रहे हैं या दोषी वे हैं जिन्होंने देश में 55 साल तक शासन किया है।  कहा कि मुसलमानों को वोट बैंक बनाकर सीमित कर दिया गया है। इस देश में हिंदू विवाह कानून में संशोधन करके उसे अपनाया गया। क्या तीन तलाक के मुद्दे पर विचार नहीं किया जा सकता ? क्या बड़ी आबादी को न्याय से वंचित करेंगे। महिला सशक्तिकरण की बात कर रहे हैं, लेकिन महिला सशक्तिकरण केवल मूर्खतापूर्ण होगी जब तक एक बड़ी आबादी को हम न्याय से वंचित रखेंगे। इसके बारे में विचार करने की जरूरत है।

योगी ने कहा कि प्रिंट मीडिया ने समाज और लोकतंत्र को मजबूत करने का काम किया है। इलेक्ट्रानिक मीडिया की भीड़ के बावजूद प्रिंट मीडिया का दायरा बढ़ता जा रहा है। सामना के पूर्व संपादक प्रेम शुक्ल ने कहा कि समाचार पत्र से भी यही उम्मीद की जाती है कि वह संयम न छोड़े। कल्याणकारी समाचारों की प्रमुखता दी जाए। न्यूज फॉक्स से भी ऐसी ही उम्मीद है। कहा कि पश्चिम और पूरब की मीडिया में बहुत फर्क है। पूरब की मीडिया को  कम से कम किसी के बेडरूम में नहीं झांकना चाहिए। न्यूज फॉक्स की पूरी टीम को बधाई देता हूं। नगर विधायक डॉ़ राधा मोहन दास अग्रवाल ने कहा कि पूरा विश्वास है कि न्यूज फॉक्स की टीम एक शानदार अखबार निकालेगी जिसमें जन सरोकार से जुडे मुद्दे होंगे। आने वाले समय में न्यूज फॉक्स पूरे देश में अपना स्थान बनाएगा।