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दो बार ट्रेन का प्लेटफार्म बदलने की सूचना दी, ओवरब्रिज न होने से रेल लाइन पार करने पर मजबूर हुए यात्री

सिसवा बाजार (महराजगंज), 29 मई। गोरखपुर को विश्व के सबसे लंबा रेलवे  स्टेशन की दर्जा प्राप्त करने के बाद से ही नरकटियागंज रेलखण्ड पर ट्रेनों के लेटलतीफी से यात्रियों को दुःख झेलना पड़ता है।ऊपर से गाड़ियों की प्लेटफॉर्म पर आने की गलत सूचना से भी यात्री हलकान रहते है। सिसवा रेलवे स्टेशन ओवरब्रिज विहीन है जिससे एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म यात्रियों के आने जाने पर काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
रविवार को नरकटियागंज से गोरखपुर जाने वाली 55073 सवारी गाड़ी जो सिसवा में सुबह 7:5 बजे आती है, अपराह्न 2 बजे आई। इस गाड़ी की पहुँचने की सुचना हुई तो रेल कर्मचारियों ने पहले प्लेटफॉर्म नम्बर 1 पर गाडी आने की सुचना दी।कुछ देर बाद गाड़ी प्लर्टफोर्म नम्बर 2 पर आने की घोषणा की गई।स्टेशन पर ओवरब्रिज ना होने के कारण जैसे तैसे यात्री 2 नम्बर प्लेटफॉर्म पर पहुंचे।तभी दोबारा पेलटफॉर्म बदल कर पुनः एक नम्बर प्लेटफॉर्म की घोषणा किया गया।जिसको लेकर यात्री आक्रोशित हो गये।यात्री विजय रौनियार व सचिन ने कहा कि सुबह से ही गोरखपुर जाने के लिए सवारी गाड़ी का इंतजार कर रहे है इन्होंने कहा कि सुबह जाना था लेकिन ट्रेन लेट होने की वजह से अभी तक सिसवा स्टेशन पर है। रेलवे द्वारा बार बार लेटफॉर्म बदलने से काफी दुश्वारी झेलनी पड़ रही है।एडवोकेट मनोज केसरी ने कहा कि रेलवे के भरोसे कोई भी कार्य करना बहुत मुश्किल है। नरकटियागंज से गोरखपुर का ट्रेन से दूरी मात्र 4 घंटे की है।परंतु वही गाड़ी 6 घंटे लेट चल रही है अजीब विडंबना है।

विकास रौनियार ने कहा कि रेलवे की घोर लापरवाही के कारण गाड़ियों के देरी से संचालन से भारत सरकार की राजस्व की भरी क्षति हो रही है। ऐसे में   प्रधानमंत्री मोदी का बुलेट ट्रेन चलने का सपना कैसे साकार होगा।
इस संदर्भ में स्टेशन मास्टर अनिल श्रीवास्तव ने बताया कि कंट्रोल से क्रासिंग दिया गया था इसीलिए पैसेंजर ट्रेन55073 को 2 न.प्लेटफॉर्म पर बुलाया गया जिससे आनन फानन में सारे यात्री रेल पटरिया पकड़ते हुए 2 न.पर आ गए और बाद में पता चला कि यहा कोई भी क्रासिंग नही है जिसमे यात्रियों को बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है।

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