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प्रदर्शन कर रहे मानबेला किसानों पर पुलिस ने लाठी भांजी, 6 किसानों को हिरासत में लिया

गोरखपुर , 17 सितम्बर. सर्किल रेट से मुआवजे की मांग कर रहे मानबेला और पोखरभिंडा उर्फ़ करीमनगर के किसान आज आन्दोलन के 13वें दिन टाउनहाल प्रदर्शन करने पहुँच गए.प्रदेश सरकार का पुतला फूंक रहे किसानों पर पुलिस ने लाठी भांजी और आधा दर्जन किसानों को हिरासत में ले लिया. हिरासत में लिए गए किसानों को पुलिस कैंट थाने ले गयी है.

डेढ़ दशक पहले गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने आवासीय योजना के लिए मानबेला और आस-पास के गांवों की जमीं अधिग्रहित की थी. जीडीए ने उस वक्त जो मुआवजा तय किया था , उससे संतुष्ट नहीं थे और किसान नेता दिवाकर सिंह के नेतृत्व में आन्दोलन किया था. तब भी पुलिस ने उन बर्बर लाठीचार्ज किया था. कई किसान भूमि अधिग्रहण के खिलाफ अदालत में चले गए. उधर जीडीए ने अधिग्रहित भूमि की प्लाटिंग कर 900 लोगों को बेचा दिया लेकिन आन्दोलन के कारण आवंटी अपनी भूमि पर कब्ज़ा नहीं पा सके. जब उन्हें कब्ज़ा नहीं मिला तो वे भी कोर्ट चले गए जिसकी सुनवाई चल रही है.

प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद जीडीए ने इस मसले को सुलझाने की पहल शुरू की. किसानों के एक धड़े से बातचीत कर उसने मुआवजा बढ़ाते हुए 70 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर कर दिया लेकिन अधिकतर किसानों ने इसे मानने से इंकार कर दिया और कहा कि वे सर्किल रेट से कम पर भूमि नहीं देंगे.

मनबेला 3

किसानों का कहना है कि जो मुआवजा उन्हें इस समय दिया जा रहा है वह सर्किल रेट से आधा है. किसान सर्किल रेट से मुआवजा देने के साथ अपनी पुरानी मांग मकान, स्कूल, धर्मिक स्थल को अधिग्रहण के दायरे से बाहर रखने, अधिग्रहण से घरविहीन हो रहे लोगों को आवास देने की भी मांग कर रहे हैं .

जीडीए ने इस मांग पर वार्ता करने के बजाय पूर्व में दिए गए मुआवजा धनराशि का अब तक हुए ब्याज की बढे हुए मुआवजा से कटौती करने के बात कर दी. इससे किसान और नाराज हो गए. उन्होंने कहा कि डेढ़ दशक से उनके खेत से खेती -किसानी से होने वाली आमदनी जोड़ी जाय और उसकी भी क्षतिपूर्ति की जाय.

मानबेला किसान 2

जीडीए के नए शर्त ने बातचीत को पटरी से उतार दिया और किसानों ने कांग्रेस नेता राणा राहुल सिंह की अगुवाई में आन्दोलन शुरू कर दिया. मांग पूरी होने तक किसान मानबेला में बेमियादी धरना दे रहे हैं.

आंदोलन को समर्थन देने 9 सितम्बर को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर और 10 सितम्बर को कांग्रेस विधायक मंडल दाल के नेता अजय कुमार लल्लू भी मानबेला आये थे।दोनोने मुख्यमंत्री आदित्यनाथ पर आरोप लगाया कि वह किसानों से किये गए वादे से सरकार में आने के बाद मुकर गए हैं.

आन्दोलन के आज 13वें दिन किसान टाउनहाल पहुँच गए और प्रदर्शन करने लगे. किसानों ने इंदिरा बाल बिहार स्थित जीडीए भवन से सरकार और जीडीए की शवयात्रा निकाली. यह शवयात्रा जटेपुर चौकी, गोलघर होते हुए टाउनहाल कचहरी चौराहे पर पहुंची। सीओ कैंट और एसचओ कैंट के साथ पुलिस बल ने उसे रोक कर समझाने की कोशिश की। लेकिन इसी बची प्रदर्शनकारियो में से किसी ने प्रतीकात्मक शव में आग लगा दी, जिसके बाद पुलिस ने उन पर बल प्रयोग करके खदेड़ा और जलते हुए प्रतीकात्मक शव को बुझा कर प्रदर्शनकारियों पर लाठी चार्ज किया। इस दौरान पुलिस की गाड़ी और पुलिस से महिलाए भिड गई। हाथा-पाई भी हुई।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज कर उन्हें तितर-बितर कर दिया. पुलिस ने मौके से आधा दर्जन प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और उन्हें कैंट लेकर चली गई.

कांग्रेस नेता राहुल राणा सिंह ने किसानों पर लाठीचार्ज की निंदा की और कहा कि ने ग्रामीणों की जमीनों पर जीडीए जबरन कब्जा करना चाहता है। यह सत्याग्रह काफी दिनों से चल रहा है। मुआवजे के नाम पर धोखा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक दमन के खिलाफ यह आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।

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