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बसपा के 25-30 विधायक मेरे साथ, मायावती की राजनीति खत्म कर दूंगा -स्वामी प्रसाद मौर्य

गोरखपुर, 5 अगस्त। बसपा के बागी नेता स्वामी प्रसाद मौर्या ने कहा है कि बसपा के 25-30 विधायक उनके साथ खड़े हैं और मेरे अंतिम निर्णय की प्रतीक्षा कर रहे हैं। बसपा सुप्रीमों मायावाती का पहली बार किसी नेता से पाला पड़ा है। उनका घमंड 22 सितम्बर को लखनऊ के रामाबाई अंबेडकर पार्क पर चूर-चूर कर दूंगा। मेरी राजनीति मायावाती के रहमो करम पर नहीं बल्कि संघर्षों पर चल रही हैं। मैं 2017 के विधानसभा चुनाव में बसपा सुप्रीमों की राजनीति खत्म कर दूंगा।

 श्री मौर्या सिविल लाइन स्थित गोरखुपर क्लब में लोकतांत्रिक बहुजन मंच के प्रथम मंडलीय स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। पूरे कार्यक्रम के दौरान वह बसपा सुप्रीमों मायावती पर बरसते रहे। उन्होने कहा कि उप्र विधानसभा चुनाव में सपा व भाजपा के बीच लड़ाई है। कांग्रेस दमदारी से लड़ेगी तो बसपा चौथे नम्बर पर चली जायेगी। जब तक मैं पार्टी में था पार्टी नं. एक थी। अब बसपा तीसरे या चौथे नम्बर पर है।
उन्होने कहा कि  मायावती पैसों की भूखी व तानाशाह हैं। कांशीराम के अंतिम सांस लेने के बाद मायावती ने उनके विश्वास का गला घोंटा है। मायावती ने डा. अम्बेडकर के मिशन व कांशीराम के विचारों की तिलांजली दी है। डा. अम्बेडकर की शिक्षाओं का उन्होने मजाक उड़ाया है। दलितों की बेटी का ढ़ोग करने वाली दलितों से मिलने से ही परहेज करती है।  गरीब 100 बार भी चक्कर लगा लें तो उनसे नहीं मिल सकता हैं लेकिन थैला लेकर जाने वाले की एक ही बार में मुलाकात हो जाती है और स्वागत भी होता है।

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श्री मौर्या ने कहा कि 2012 के लोकसभा चुनाव में पैसे के आधार पर उम्मीदवार चुने गये। मैंने मायावती जी से कहा पैसे के आधार पर टिकट देना ठीक नहीं हैै तो बोलीं मोदी लहर है कमजोर प्रत्याशी टिक नहीं पायेगा। नतीजा बसपा का खाता शून्य रहा। पंचायत चुनाव में दलितों व पिछड़ो से पैसा लिया गया। पैसे के लिए मायावती जी कार्यकर्ताओं को अपमानित कर रही है। मैंने इस्तीफा इसलिए दिया कि मैं एक कार्यकर्ता हूं। कार्यकर्ताओं का दुख मुझसे देखा नहीं गया।

जब मैंने पार्टी छोड़ी तो हर दल के बड़े नेता ने मुझे फोन कर प्रशंसा की। कहा कि लोकतंत्र की रक्षा की है। पद के लिए लोग क्या-क्या नहीं करते और आपने बड़े पद को ठोकर मार दी। इसी कारण आरके चौधरी, परमदेव यादव व अन्य विधायकों ने पार्टी से किनारा कर लिया। बसपा में कार्यकर्ता घुटन महसूस कर रहा है।
सम्मेलन में विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व मंत्री भगवती सागर व धनपत राम मौर्या ने अपने विचार रखे। अध्यक्षता दिवेश चंद्र श्रीवास्तव ने की। इस मौके पर अतुल श्रीवास्तव, बृजेश मौर्या, दिलीय जयसवाल आदि मौजूद रहे। इस मौके पर ‘ बहुजन समाज के दर्द का दस्तावेज ‘ पुस्तिका भी बांटी गयी।⁠⁠⁠⁠