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बाढ़ में बहकर आये नेपाली गैंडों को पकड़ने का अभियान फिर शुरू

वाल्मीकिनगर टाइगर रिज़र्व फारेस्ट में नेपाली गैंडे की तलाश में निकली वन अधिकारीयों की टीम

अब तक चार गैंडों को पकड़कर नेपाल भेजा जा चुका, दो और गैंडे नेपाल से वाल्मीकि नगर के जंगलों में आ गए हैं
रमाशंकर चौधरी
कुशीनगर , 25 अगस्त. वाल्मीकि नगर टाइगर रिज़र्व फारेस्ट और  नेपाली वन अधिकारी भारतीय क्षेत्र में आ गए चार गैंडो को पकड़ने का सफल अभियान मंगलवार को पूरा करने के बाद चैन की सांस भी नही ले पाये थे कि वाल्मीकि  नगर वन क्षेत्र के चुलभट्टा और ठाडी में दो और गैंडों की मौजूदगी ने उन्हें एक और अभियान शुरू करने पर मजबूर कर दिया.
बुधवार और गुरुवार को वन अधिकारी दोनों गैंडों की तलाश में चुलभट्टा घुमते रहे. चुलभट्टा में जब नर गैंडा नहीं मिला वन अधिकारी दोपहर तीन बजे अपने काफिले के साथ दूसरे गैंडे को पकडने के लिए ठाडी क्षेत्र के लिए कूच कर गए ।
बाढ़ में नेपाल से कई गैंडे भी वाल्मीकि टाइगर रिजर्व क्षेत्र में बहकर आ गये थे. वाल्मीकिनगर  के जंगल मे डेरा डाले तीन गैंडों को पकड़ने के लिए हाथी स्पाॅट टीम ने बीते  रविवार  को  विशेष सर्च आपरेशन शुरू किया।ई टाइप कालोनी के निकट डेरा डाले हुए एक गैंडे  को पकड़ने के लिए वनकर्मी  पूरी मुस्तैदी से जुट गए थे किन्तु गैंडा इस विशेष रेस्क्यू अभियान मे  शामिल वाल्मीकि टाइगर रिजर्व तथा चितवन नेशनल पार्क नेपाल के वन अधिकारियों और कर्मचारियों को छकाते  हुए जटाशंकर वन क्षेत्र में प्रवेश कर गया।

वाल्मीकिनगर टाइगर रिज़र्व
रेस्क्यू  टीम ने उसी दिन तीन हाथियों के सहारे वाल्मीकिनगर वन क्षेत्र के चुनभठ्रा जंगल मे एम्बुसिंग लगाकर कर सर्च आॅपरेशन शुरू कर दिया ताकि चुलभट्टा में पनाह लिए गैंडे को पकड़ा जा सके। टीम के सदस्यों ने घंटो की मेहनत के बाद रविवार की शाम चुलभट्टा क्षेत्र से एक गैंडे को सुरक्षित पकड़ने में सफलता प्राप्त की। टीम के अन्य सदस्यों को सोमवार को घंटों की मशक्कत के बाद  जटाशंकर बन क्षेत्र में तीसरे गैंडे को पकड़ने में  सफलता प्राप्त की। मंगलवार की सुबह से ही नेपाल चितवन के वन अधिकारियों और रेस्क्यू टीम के सदस्यों के साथ वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के वन अधिकारियों ने जटाशंकर गनौली वन क्षेत्र के कक्ष संख्या टी 37 मे घेराबंदी कर दी घंटों की मशक्कत के बाद वन कर्मियों ने हाथियों की मदद से चौथे गैंडे को बेहोश करने के बाद पकड़ने में सफलता प्राप्त कर ली।

नरायणापुर बगहा से गुरूवार की शाम को एक गैंडे को पकड़कर नेपाली वन प्रशासन को सौंप दिया गया। जटाशंकर जंगल मे डेरा डाले तीसरे गैंडे को पकड़ने के लिए सोमवार को रेस्क्यू आॅपरेशन शुरू किया गया और सफलता भी मिली।मंगलवार को चौथे गैंडे को भी सुरक्षित पकड़ने के बाद नेपाली वन अधिकारियों को सुपुर्द कर दिया गया  था ।

डीएफओ अमित कुमार ने बताया कि इस आॅपरेशन को सफल बनाने के लिए वाल्मीकी टाईगर रिजर्व के सभी डीएफओ, रेंज अफसर वनपाल, वनरक्षी टीटी पीपी आदि वनकर्मी चितवन नेशनल पार्क नेपाल के वन अधिकारियो को पुरी तरह सहयोग दे रहे हैं। उम्मीद है की शीघ्र ही दोनों गैंडों को पकड़ लिया जायेगा।
गैंडों को पकड़ने के लिए शुरू किये गये अभियान मे  डीएफओ गौरव ओझा,  प्रशिक्षु आईएफएस अभिषेक कुमार सिंह, अम्बरीश कुमार मल्ल, वाल्मीकिनगर के रेंज अफसर आर के सिन्हा, गोनौली के रेंज अफसर अवधेश प्रसाद सिंह, मदनपुर के रेंज अफसर आनंद कुमार, वनपाल बीके पाठक  और तमाम टी टी पी टी आदि वनकर्मी शामिल थे।

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