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बीमार भाजपा प्रत्याशी उपेन्द्र पांच दिन बाद गोरखपुर में दिखे

गोरखपुर, 4 मार्च। गोरखपुर लोकसभा उपचुनाव के भाजपा प्रत्याशी उपेन्द्र दत्त शुक्ल लखनऊ   स्थित एसजीपीजीआई से इलाज कराकर वापस आ गए है. उनके मस्तिष्क में खून का थक्का जमा हो गया था जिसका आपरेशन हुआ है. वह पांच दिन बाद आज भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डा. महेन्द्र नाथ पांडेय के प्रेस कान्फ्रेंस और गुलरिहा में आयोजित अनुसूचित मोर्चा सम्मेलन में दिखे.

चुनाव प्रचार के दौरान 27 फरवरी को सिर में तेज दर्द होने के बाद उन्हें इलाज के लिए लखनऊ ले जाया गया और पीजीआई में भर्ती कराया गया. वहां उनका आपरेशन किया गया। इस कारण वह पांच दिन चुनाव प्रचार से दूर रहे हालंकि उनके बीमार होने और पीजीआई में भर्ती होने की खबर को पार्टी ने भरसक दबाने की कोशिश की। स्थानीय अखबारों ने भी इस खबर को नहीं छापा। एक स्थानीय अखबार में शुक्रवार को लखनऊ से यह खबर छपी.

गोरखपुर न्यूज लाइन ने भी शुक्रवार की सुबह इस खबर को प्रकााशित किया।

dr mahendr pandey

शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उन्हें देखने भी गए थे. सूत्रों ने बताया कि उपेन्द्र दत्त शुक्ल जब बीमार पड़े तो उस दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर में ही थे. उन्होंने चिकित्सकों से उपेन्द्र दत्त शुक्ल को दिखवाया. चिकित्सकों ने उन्हें पीजाीआई ले जाने का सुझाव दिया. सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री खुद उपेन्द्र को अपने साथ लखनऊ ले गए थे.

भाजपा प्रत्याशी उपेन्द्र दत्त शुक्ल आज दोपहर में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डा. महेन्द्र नाथ पांडेय के प्रेस कान्फ्रेंस में दिखाई दिए। पूर्वान्ह 11 बजे यह प्रेस कान्फ्रेस पार्क रोड स्थित एक रेस्टोरेंट में थी। पत्रकार वार्ता डेढ़ घंटा विलम्ब से शुरू हुई। प्रेस कान्फ्रेंस के बीच उपेन्द्र दत्त शुक्ल वहां पहुंचे। वह सिर पर भगवा रंग की पगड़ी बांधे हुए थे, इसके बावजूद उनके सिर पर बंधी पट्टिया दिख रही थी। पत्रकार वार्ता के दौरान वह चुप बैठे रहे।

कुछ पत्रकारों ने जब भाजपा प्रत्याशी के बीमार होने के बारे में सवाल पूछा तो उसका जवाब उपेन्द्र ने न देकर प्रदेश अध्यक्ष डा. महेन्द्र नाथ पांडेय ने दिया। उन्होंने कहा कि उपेन्द्र दत्त शुक्ल रूटीन जांच के लिए लखनऊ गए थे। दो दिन बाद वह वापस आ गए।

भाजपा और उसके नेता शुरू से ही प्रत्याशी की बीमारी के बारे में मौन साधे हुए हैं। सूत्रों ने बताया कि आपरेशन के कारण भाजपा प्रत्याशी चुनाव प्रचार में बहुत सक्रिय न रह पाएंगें।

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