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भाकपा (माले) ने सहारनपुर की घटना पर राज्यव्यापी विरोध दिवस मनाया

* लखनऊ में अम्बेडकर प्रतिमा (हजरतगंज चौराहा) पर धरना दिया
*पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रदेश में जिला मुख्यालयों पर धरना दिया
* राज्यपाल को ज्ञापन देकर  में दलितों के हमलावरों को सजा देने की मांग की
लखनऊ, 15 मई। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माले) ने सहारनपुर में दलितों पर हमले की शब्बीरपुर घटना पर सोमवार को राज्यव्यापी प्रतिवाद आयोजित किया। पार्टी ने राजधानी लखनऊ में हजरतगंज चौराहा स्थित आंबेडकर प्रतिमा पर और प्रदेश में जिला मुख्यालयों पर धरना दिया।
इस मौके पर वक्ताओं ने योगी सरकार की खिंचाई करते हुए कहा कि सहारनपुर में पहले आंबेडकर शोभायात्रा के नाम पर दलितों को अल्पसंख्यकों से भिड़ाया, जिस वजह से सड़क दुधली की घटना (20 अप्रैल) हुई। फिर महाराणा प्रताप शोभायात्रा की आड़ में दलितों पर ठाकुरों का हमला हुआ और शब्बीरपुर की घटना (05 मई) हुई। यह योगी सरकार और भाजपा की ‘बांटो और राज करो ‘ की नीति है। लेकिन लोकतंत्र व अमन पसंद ताकतें पूरी शक्ति से इसका विरोध करेंगीं और जनता की एकता तोड़ने वाली ताकतों को अपने मकसद में कामयाब नहीं होने देंगी। वक्ताओं ने योगी सरकार पर दबंग ताकतों का बचाव करने का आरोप लगाया और कहा कि इस वजह से भी प्रदेश में कानून-व्यवस्था बिगड़ रही है।
इस मौके पर राज्यपाल को भेजे गये ज्ञापन में पार्टी ने मांग की कि शब्बीरपुर मामले में दलितों के हमलावरों को गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाये, आगजनी में नष्ट हुए दलितों के घरों की जगह नए घर बना कर दिये जायें, उन्हें हुए नुकसान की भरपाई की जाये, दलितों के खिलाफ दर्ज झूठे मुकदमे वापस लिये जायें और उन्हें झूठे मामलों में फंसाना बंद किया जाये, पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच करा कर घटना के समय हमलावरों का साथ देने वाले अधिकारियों-पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो और शासन-प्रसाशन सामंती ताकतों को संरक्षण देना बंद करे।

भाकपा (माले) के एक जांच दल ने हाल ही में शब्बीरपुर का दौरा और सहारनपुर अस्पताल में भर्ती घायलों से मुलाकात कर घटना से जुड़े तथ्य एकत्र किये थे।
इस बीच, भाकपा (माले) के राज्य सचिव सुधाकर यादव ने कहा है कि सहारनपुर घटना में यदि दलितों को न्याय नहीं मिला, तो आंदोलन और तेज किया जायेगा। आज लखनऊ के अलावा, गाजीपुर, मऊ, देवरिया, चंदौली, सोनभद्र, मिर्जापुर, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, कानपुर, जालौन आदि जिलों में प्रतिवाद कार्यक्रम हुए।

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