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भाजपा महानगर अध्यक्ष की घोषणा न होने से उठ रहे सवाल

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा होने के बाद भी महानगर अध्यक्ष की घोषणा नहीं होने से पार्टी के अंदर ही सवाल उठाए जा रहे हैं। अब तक कहा जा रहा था कि प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति के बाद महानगर अध्यक्ष घोषित किया जाएगा। दूसरी तरफ जिलाध्यक्ष की घोषणा हुए भी एक माह से अधिक का समय बीत गया, पर जिला कमेटी घोषित नहीं की गई। इससे लोग एक-दूसरे से सवाल कर रहे हैं कि आखिर इसमें क्यों देरी की जा रही है। बिना संगठन के पार्टी अपने कार्यों को कैसे आगे बढ़ाएगी?

कहा जा रहा है कि  चार माह पूर्व संगठन की चुनावी प्रक्रिया शुरू की गई। लेकिन उस पर अंतिम मुहर अब तक नहीं लग पाई। महानगर अध्यक्ष को लेकर इस तरह से विवाद शुरू हुआ कि पूरी प्रक्रिया को स्थगित करना पड़ा। कहा गया कि इसकी घोषणा बाद में की जाएगी। लेकिन चार माह बीत जाने के बाद भी महानगर अध्यक्ष की कुर्सी खाली है। इस बीच पार्टी के जिम्मेदार यह कहते रहे कि प्रदेश में नया अध्यक्ष घोषित होेने के बाद महानगर अध्यक्ष घोषित होगा। नया प्रदेश अध्यक्ष आने के बाद भी महानगर संगठन की प्रक्रिया जस की तस रह गई।

दूसरी तरफ भाजपा जिलाध्यक्ष घोषित होने के एक माह बाद भी उनकी कमेटी नहीं घोषित हो पाई। भले ही पार्टी ने जनार्दन तिवारी पर दोबारा भरोसा जताया, पर संगठन में कौन पदाधिकारी होगा इसकी घोषणा नहीं हुई। बृहस्पतिवार को अंबेडकर जयंती पर पार्टी के पदाधिकारियों को अलग-अलग स्थानों पर जाना था। जिलाध्यक्ष एक गांव में गए, पर अन्य पदाधिकारी कहा गए, किसी को पता नहीं चल पाया।

वहीं भाजपा के क्षेत्रीय संगठन मंत्री शिवकुमार पाठक कहते हैं कि महानगर अध्यक्ष की घोषणा जल्द हो जाएगी। नए प्रदेश अध्यक्ष के साथ महानगर अध्यक्ष को कार्य करना है। इसलिए उनकी नियुक्ति का इंतजार हो रहा था। दूसरी तरफ जिला कमेटी की जहां तक बात है, वह भी जल्द घोषित होगी। कमेटी के सदस्यों की सूची बनाकर प्रदेश नेतृत्व को भेज दी गई है। वहां से संस्तुति मिलते ही इसकी घोषणा हो जाएगी।

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