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महराजगंज में 270 गाँव बाढ से प्रभावित, सात तटबंध टूटे, चार सड़कें भी कटीं

बाढ पीड़ितों तक नहीं पहुंच रही राहत सामग्री, पीड़ित परेशान
स्वयं सेवी संगठनों , व्यापारियों व अन्य ग्रामीणों ने बढाया हाथ

महराजगंज, 21 अगस्त । अगस्त माह में आई बाढ विभीषिका की कहर से बाढ पीड़ित अभी तक उबर नहीं पा रहे हैं । जिले के 270 गाँव से प्रभावित है, जबकि अभी भी 47 गाँव मैरूंड हैं। बाढ़ से सात तटबंध टूट गए तो चार सड़कें कट गईं.

पीड़ितों की मदद की तो अभी भी असल बाढ पीड़ितों को राहत सामग्री नहीं मिल पा रही है। अलबत्ता कुछ स्वयं सेवी संगठन, व्यापारी राहत सामग्री बाँट रहे हैं.

जिले में बाढ तो वर्ष 1998 तथा 2007 में भी आई थी मगर इतनी तबाही कभी नहीं देखने को मिली। वर्ष 1998 में तो रोहिन  का बांध बड़हरा लाला व लक्ष्मीपुर के पास तथा राप्ती नदी पर बेलसड़ रिगौली बांध टूटा था जबकि वर्ष 2007 में डोमरा जर्दी बांध हरखपुरा के पास कटा था। इसी बाढ में पहली अगस्त को नाव पर सवार हरखपूरा के 27 लोगों की मौत नाव डूबने से हो गई और जिले में आई उक्त दोनों बाढ इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गई।

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मगर इन साल आई बाढ से तबाही के मंजर का जो ग्राफ देखने को मिला। उसे भूल पाना आसान नहीं है। जैसा कि पनियरा  क्षेत्र के बाढ पीड़ितों का मानना है।

इन बाढ से न केवल तटबंध टूटे हैं बल्कि सड़कें भी कई जगह  कट गई हैं. बाढ के पानी से सात स्थानों पर तटबंध कटे जिसमें रोहिन नदी पर सुचितपुर  बघौना , बहहरालाला, नर कटहा ,लठिअहवा ,लक्ष्मीपुर, चेहरी तथा पोह नाले के बनदेइया तटबंध के नाम प्रमुख हैं। बाढ से ही ठूठीबारी-निचलौल, फरेंदा-महराजगंज, परकटहा-गांगी तथा कैम्पियरगंज-पनियरा मार्ग कट गया। इससे आवागमन पर काफी प्रभाव पड़ा.

 बाढ से अब तक आठ लोगों की मौत
जिले में बाढ से अब तक आठ लोगों की मौत हुई है। छह पशुओ की भी मौत हुई है. बाढ पीड़ितों को बाढ का पानी खिसकने के बाद बीमारियों का भय सता रहा है।

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बाढ राहत को मिले डेढ करोड़, 74 लाख बांटा
शासन से बाढ राहत को प्रशासन को डेढ करोड़ मिले जिसमें से 74 लाख वितरित करने का दावा किया गया है। इस धन से 42 लाख चारों तहसीलो को तथा 32 लाख आठ मृतक परिजनों को तथा 30 हजार एक पशुपालक को सहायता राशि दी गई ।

[box type=”shadow” ] बाढ से प्रभावित गांव 262, वर्तमान में मैरूंड गाँव 47, बाढ से प्रभावित मवेशी 5000, बाढ से क्षतिग्रस्त कच्चे मकान 199, बाढ से क्षतिग्रस्त पक्के मकान 410, आंशिक क्षतिग्रस्त कच्चे मकान 3251, बाढ से क्षतिग्रस्त झोपड़ी 2657, बचाव कार्य में लगी कुल नाव 77, बचाव कार्य में लगे मोटर बोट 34, बचाव कार्य में लगे वाहन 13, एनडीआरएफ की टीम 3, पीएसी 6 प्लाटून [/box]

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