समाचार

दया याचिका कबूल होने के बाद रिहा हुआ 107 वर्षीय कैदी

14 वर्ष से हत्या के जुर्म में आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे चौथी यादव

गोरखपुर , 13 अप्रैल। राज्यपाल द्वारा दया याचिका कबूल कर लिए जाने के बाद 14 वर्ष से हत्या के जुर्म में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 107 वर्षीय चौथी यादव आज जेल से रिहा हो गए। जेल से बाहर आते ही परिवारिजनों ने उनसे भेंट की और अपने साथ ले गए।

उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने गोरखपुर जिला कारागार में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 105 वर्षीय बंदी चौथी के समय पूर्व रिहाई के आदेश दिए थे । चौथी की रिहाई के लिए जेल विजिटर आदिल अमीन ने काफी प्रयास किया।

राज्यपाल ने बंदी के अत्यन्त वृद्ध होने और कारागार अवधि में उसके अच्छे आचरण को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा की गईं समय पूर्व रिहाई की संस्तुति एवं विशेष श्रेणी का मामला पाते हुए भारत का संविधान के अनुच्छेद 161 द्वारा प्रदत्त अपनी सांविधानिक एवं संप्रभु शक्तियों का प्रयोग कर रिहाई के आदेश पारित किए।

 गोरखपुर निवासी चौथी ने पुरानी रंजिश के चलते अपने साथियों के साथ मिलकर 25 जुलाई, 1979 को एक व्यक्ति की हत्या कर दी थी। दोष सिद्ध होने पर अपर सत्र न्यायालय, गोरखपुर द्वारा आठ जुलाई, 1982 को उसे आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया गया था। बंदी चौथी अब तक दस वर्ष से अधिक की अपरिहार तथा 12 वर्ष से अधिक सपरिहार सजा काट चुके थे।

Leave a Comment

aplikasitogel.xyz hasiltogel.xyz paitogel.xyz