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मार्डन स्लाटर हाउस के लिए जमीन देखने डोमिनगढ़ व बहरामपुर पहुंची नगर निगम टीम

-हाईकोर्ट में सुनवाई 29 को
गोरखपुर, 26 मई । हाईकोर्ट में दाखिल याचिका के जेरे नजर शहर में मार्डन स्लाटर हाउस बनाने के लिए याचिकाकर्ता मिर्जा दिलशाद बेग व अन्य द्वारा प्रस्तावित जमीन को देखने नगर निगम की एक टीम गुरुवार को डोमिनगढ़ व बहरामपुर पहुंचीं। टीम में तहसीलदार, लेखपाल, कानूनगो, नगर निगम अमीन व एक पार्षद शामिल रहे।

जमीन देखने के बाद टीम ने याचिकाकर्ता से जमीन के व अन्य कागजात मांगे  हैं। टीम अभी नौसढ़ व गीडा वाली जमीन भी देखेगी। अगामी 29 मई को गोरखपुर नगर आयुक्त को हाईकोर्ट को हलफनामा देकर बताना हैं कि मार्डन स्लाटर हाउस कितने दिनों में बनकर तैयार हो जायेगा और जब तक स्लाटर हाउस बन नहीं जाता तब तक मीट कारोबारियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कहा की जायेगी।
याचिकाकार्ता मिर्जा दिलशाद बेग ने बताया कि स्लाटर हाउस के मुताल्लिक तमाम कागजात नगर निगम को मुहैया कराये जा रहे हैं।

मार्डन स्लाटर हाउस संबंधी गाइडलाइन नगर निगम को मुहैया करा दी गयीं हैं। नगर निगम की टीम आज जमीन देखने पहुंची थीं। उन्होंने बताया कि मार्डन स्लाटर हाउस तीन प्रकार के होते हैं। स्मॉल, मीडियम व बिग। स्मॉल मार्डन स्लाटर हाउस लिए 50 डिस्मिल जमीन होनी चाहिए वहीं मीडियम के लिए 1 से 2 तो बिग के लिए 2 से 4 एकड़ जमीन होनी चाहिए। स्मॉल स्लाटर हाउस में 10-15 टन मीट निकलता हैं। जिसके लिए 90 से 100 जानवर जब्ह करने पड़ते है। गोरखपुर में स्मॉल मार्डन स्लाटर हाउस ही खुलेगा।

राज्य में भाजपा की सरकार बनने के बाद बड़ा जानवर ( भैंस)  काटने व उसका मीट बेचने पर पूरी तरह पाबंदी लगी हुई हैं। शहर में बूचड़खाने बंद हैं। सरकार के फरमान के बाद बड़े जानवर के मीट कारोबारियों के हालात दिन बा दिन  खराब होते जा रहे हैं। तमान दिक्कतों के मद्देनजर  मीट कारोबारियों ने हाईकोर्ट में रिट दाखिल कर स्लाटर हाउस खोलने की मांग की हैं। मई माह में कई राउंड सुनवाई हो चुकी हैं। हाईकोर्ट में रिट याचिका 15664/2017 दिलशाद अहमद व 12 अन्य बनाम राज्य व अन्य 06 आदि में याचिकाकर्ताओं की तरफ से अधिवक्ता वीएम जैदी व एमजे अख्तर पक्ष रख रहे हैं। कुरैशी समाज के रिजवानुल्लाह कुरैशी उर्फ संजय सहित तमाम लोग चाहते हैं जल्द से जल्द समस्या का समाधान हो ताकि जिंदगी की गाड़ी पटरी पर आ सकें।

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