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मिट्‌टी के बर्तन में खीर-पूड़ी रखकर पढ़ी फातिहा

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⁠⁠⁠हजरत सैयदना इमाम जाफर सादिक की याद में हुई कुंडे की नियाज

गोरखपुर , 20 अप्रैल। हजरत सैयदना इमाम जाफर सादिक रजि. की याद में गुरुवार को कुंडे की नियाज कर इसाले सवाब किया गया। फजर की नमाज के बाद मिट्‌टी के बर्तन (कुंडे) में खीर, पूड़ी, मिठाइयां रखकर फातिहा पढ़ी गई और हजरत सैयद इमाम जाफर सादिक रजि. को याद किया गया।

बुधवार शाम को नियाज बनाने से पहले महिलाओं ने घर और रसोई कक्ष की साफ-सफाई के बाद खीर, पूड़ी, खस्ता, गुलाब जामुन सहित अन्य मिष्ठान बनाए। मोहम्मद आजम ने बताया कि हजरत सैयदना इमाम जाफर सादिक रजि. की याद में कुंडे की नियाज दिलाकर इसाले सवाब किया जाता हैं। यह इस्लामी माह रज्जब की 22वीं तारीख को किया जाता है। अधिकतर मुस्लिम घरों में हजरत सैयदना इमाम जाफर सादिक की याद में फातिहा व नियाज दिलाई गई। गुरुवार को सुबह फजर की नमाज के बाद फातिहा दिलाई गई। इसके बाद अकीदतमंदों ने एक-दूसरे को नियाज खाने के लिए आमंत्रित किया। कईं लोग मन्नत के अनुसार कुंडे भरते हैं। लोगों ने एक, दूसरे के घर जाकर खीर, पूड़ी चखी। देर शाम तक यह सिलसिला चलता रहा। एक दिन पहले बाजार में मिठाइयों सहित अन्य सामग्री की खरीदी के लिए काफी भीड़ उमड़ी। बच्चों सहित बड़ों ने खीर, पूड़ी का स्वाद चखा।
मुफ्ती मोहम्मद अजहर शम्सी कहते हैं कि रज्जब माह बहुत ही बाबरकत हैं। इसी माह इस्लाम के चौथे खलीफा हजरत सैयदना अली रजि. की यौमे पैदाइश मनायी जाती हैं। इसी इस्लामी माह की 4 तारीख को नबी-ए-पाक के मशहूर सहाबी हजरत सैयदना अमीर मुआविया रजि. की वफात हुई । इसी माह 148 हिजरी की 15 तारीख को हजरत सैयदना इमाम जाफर सादिक रजि. की शहादत हुई। आपको किसी दुश्मन ने जहर दिया। हजरत सैयदना इमाम हुसैन रजि. के बेटे हजरत सैयदना जैनुल आबेदीन रजि. आपके दादा व हजरत इमाम मोहम्मद बाकर आपके वालिद हैं। सुन्नियों के इमामे आजम हजरत इमाम अबू हनीफा रजि. आपके खास शार्गिद थे। मदीना के मुकद्दस कब्रिस्तान जन्नतुल बकी में आपकी मजार शरीफ हैं।
अक्सर मुसलमान रजब माह की 22 और कुछ जगह 15 तारीख को खीर और पूड़ियां पकाकर और कुंडे (मिट्टी के बर्तन ) में रखकर नियाज करते हैं। जिसको कुंडे की नियाज कहा जाता हैं।