जनपद

मोहम्मदी, लखीमपुर खीरी में पुलिस उत्पीड़न के शिकार लोगों से मिले रिहाई मंच के नेता 

पीड़ितों से मिलकर संघर्ष का दिया आश्वासन
फैजाबाद में सिपाही को पीटने वाले डीआईजी पर दर्ज हो मुकदमा
लखनऊ 12 जून। लखीमपुर खीरी के मोहम्मदी में अवैध गिरफ्तारियों के मसले पर रिहाई मंच नेताओं ने पीड़ितों के परिजनों से मुलाकात की। इस दौरे में मंच के अध्यक्ष मुहम्मद शुऐब, रिहाई मंच प्रवक्ता शाहनवाज आलम, इंसाफ अभियान के महासिचव दिनेश चौधरी, जियाउद्दीन और नूर आलम शामिल रहे। मंच ने फैजाबाद में पुलिस कांस्टेबल जुबैर अहमद की डीआईजी फैजाबाद द्वारा बर्बर पिटाई की निंदा करते हुए दोषी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
मोहम्मदी लखीमपुर से लौटकर रिहाई मंच के प्रवक्ता शाहनवाज आलम ने बताया कि 16 मई को हुई गंगा सिंह हत्या व लूट कांड में पुलिस देवीस्थान गांव के बेगुनाहों को फंसा रही है। पुलिस ने रामजी पाण्डेय, जावेद, सबील व इमरान को हफ्ते भर तक अवैध हिरासत में रखकर बर्बर उत्पीड़न के बाद हत्या के मामले में फंसा दिया है। बहुतों को पुलिस ने पूछताछ के नाम पर उत्पीड़ित किया जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल व्याप्त है। पुलिस के दावों पर नागरिक समाज और मीडिया लगातार सवाल उठा रहा है। बावजूद इसके पुलिस बेगुनाहों को फंसाने पर उतारु दिख रही है। रिहाई मंच के नेताओं ने प्रत्येक पीड़ित परिवार से मिलकर उनके बच्चों की अवैध गिरफ्तारी से संबधित बातचीत की और इस मसले पर लड़ने का आश्वासन दिया। इस दौरान रिहाई मंच नेताओं के साथ मोनिस अंसारी, सिद्दीक यार खान, मुजीब अहमद, डा0 कासिफ, मो0 शाहनवाज खान, एडवोकेट मो0 शारिक भी शामिल रहे। मंच जल्द इस मसले पर विस्तृत रिपोर्ट जारी करेगा।
रिहाई मंच प्रवक्ता शाहनवाज आलम ने फैजाबाद डीआईजी विजय कुमार गर्ग द्वारा अपने सरकारी आवास पर तैनात कांस्टेबल जुबैर अहमद की निर्दयतापूर्वक पिटाई की कठोर निंदा करते हुए इसे पुलिस विभाग के अंदर मौजूद सामंती मानसिकता को उजागर करने वाली घटना बताया है। घटना के इतने दिनों बाद भी मुकदमा दर्ज न होना दर्शाता है कि सरकार अपने बड़े अधिकारी को बचाने में लगी है। मंच ने तत्काल प्रभाव से डीआईजी विजय कुमार गर्ग पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।

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