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यूपी में प्रियंका गांधी की बहुत डिमांड है : शीला दीक्षित

 कांग्रेस की सीएम उम्मीदवार शीला दीक्षित से गोरखपुर न्यूज़ लाइन की खास बातचीत 
 सैयद फरहान अहमद
गोरखपुर , 26 अगस्त। दिल्ली की पूर्व सीएम और यूपी में कांग्रेस की सीएम उम्मीदवार शीला दीक्षित ने कहा है कि प्रियंका गांधी को चुनावी प्रचार में उतारने की बहुत डिमांड है लेकिन यह फैसला उन्हीं को लेना है। प्रियंका यूपी चुनाव के दौरान पार्टी का प्रचार करती है तो निश्चित रूप से उसका फायदा पार्टी को मिलेगा। 27 साल यूपी बेहाल यात्रा के लिए गोरखपुर के दौरे पर आयी शीला दीक्षित ने गोरखपुर न्यूज लाइन से खास बातचीत में कहा कि इस यात्रा का जबरदस्त रिस्पांस मिल रहा है।
जीएनएल:  कांग्रेस के ‘27 साल यूपी बेहाल‘ अभियान के शुरूआती दौर का रिस्पांस कैसा है  ?
शीला दीक्षित  : यूपी के जिन-जिन जिलों में हम लोग गये अद्द्भुत रिस्पांस मिला। बनारस, कानपुर, लखनऊ, बहराइच व बांदा में जनता ने हाथों हाथ लिया।

जीएनएल : दिल्ली जहां आपने राज और राजनीति दोनों की। वह एक बड़ा शहर जैसा है जबकि यूपी सबसे बड़ा राज्य है। यह आपके लिए कितना बड़ा चैलेंज है, क्या आपको जो जिम्मेदारी दी गयी उसकी वजह यूपी के ब्राहमण वोट है ?

शीला दीक्षित  :– मेरा सीधा सा जवाब है कि मेरी पार्टी ने दिल्ली में मेरा काम देखा इसलिए यूपी में काम करने के लिए कहा। मैं यूपी की रहने वाली हूं, यहीं मेरी ससुराल है। मैंने अपनी सियासी जिदंगी की शुरूआत लोकसभा चुनाव में यहीं से की। पार्टी ने जो जिम्मेदारी दी है उसी बखूबी निभाऊंगी।

जीएनएल: यूपी में कांग्रेस की दो टीम काम कर रही है। एक खुद कांग्रेस की और दूसरी प्रशांत किशोर की। क्या दोनों में तालमेल है ?
शीला दीक्षित  : कांग्रेस पार्टी व प्रशांत किशोर दोनों एक साथ मिलकर काम कर रहे है। इनमें भरपूर तालमेल है इसलिए अलग-अलग काम करने का सवाल ही नहीं पैदा होता है। प्रशांत किशोर एडवाइजरी काम करता है यह नहीं कि पैरलल कांग्रेस चला रहा है।
जीएनएल: जब दिल्ली में आप के विकास का नारा नहीं चला तो यूपी में कैसे चलेगा ?
शीला दीक्षित  : दिल्ली की जनता ने तीन-तीन बार चुना तो उसकी बात नहीं करेंगे।  प्रजातंत्र है। सरकारें आती और जाती रहती है। मुलायम सिंह यादव, मायावती भी आये और चले गए। हमें अब यहां की जिम्मेदारी मिली है और जिम्मेदारी से अदा करेंगें।
जीएनएल : अभी एक चैनल का सर्वे आया है कि कांग्रेस दस सीट से भी कम  रहेगी। क्या  कहना है आपको ?
शीला दीक्षित  :  मालूम नहीं, आप किस सर्वे की बात कर रहे है और इस सर्वे का आधार क्या है ? मैं इस पर कोई टिप्पणी कर सकती।
जीएनएल:– इस बार कांग्रेस की स्ट्रेटजी है कि वह मुस्लिमों की पार्टी के तौर पर नजर ना आये ?
शीला दीक्षित  : प्लीज, हमारी कभी भी कोई रणनीति किसी एक धड़े के लिए नहीं होती है। कांग्रेस की रणनीति धर्म, जाति के आधार पर नहीं होती है। पार्टी सभी को साथ लेकर चलती है। हर वह व्यक्ति चाहे वह किसी भी जाति, धर्म से सबंध रखता है। इस देश को हमने हमेशा अपना माना है। कोई जाति हो, भाषा या कोई धर्म हो सबको हमनें अपना माना है। इसी नजरिये से कांग्रेस कार्य करती है।

जीएनएल: यूपी चुनाव में कांग्रेस ने कितनी सीटो का टारगेट रखा है ?

शीला दीक्षित  : पार्टी ने टारगेट नहीं रखा है। सीटों का टारगेट रखा भी नहीं जाता है। अभी पूरी तरह से चुनाव शुरू हो जायें। अभी तो छह आठ महीने पड़े है। हम अपना जो काम करना चाहिए, वह कर रहे है।

जीएनएल: क्या आप चाहती है कि यूपी चुनाव से पहले राहुल गांधी की ताजपोशी हो जायें ?

शीला दीक्षित  :– देखिए! वह फैसला कांग्रेस करेगी। पार्टी की कोर कमेटी, वर्किंग कमेटी व कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी जी को निर्णय लेना है। वह फैसला चुनाव नहीं करेगा।

जीएनएल: प्रियंका गांधी के चुनावी कंपेन में हिस्सा लेने से कितना फर्क पड़ेगा ?
शीला दीक्षित  : प्रियंका गांधी की डिमांड बहुत ज्यादा है। फैसला उनको करना है। जब लोग चाहते है तो फर्क नहीं पड़ेगा क्या ?
जीएनएल: क्या आप चुनाव लड़ेगी ? पार्टी क्या किसी दूसरे दलों से गठबंधन करेगी ?
शीला दीक्षित  : चुनाव लड़ने का फैसला नहीं किया है। इस पर विचार किया जायेगा। गठबंधन के फैसले पर पार्टी विचार करेगी। मैं इस बारे में कुछ नहीं कह सकती।

जीएनएल : क्या वरूण गांधी कांग्रेस में शामिल हो रहे है ?

शीला दीक्षित  : मुझे नहीं मालूम। कोई भी कांग्रेस में आता है तो अच्छा लगता है। ये फैसला उन्हें करना है। ये आप लोगों की तरफ से हवा उड़ायी गयी है।

जीएनएल :– भाजपा व सपा दावा कर रहे है कि यह चुनाव उनके बीच है। आप क्या कहना चाहती है ?

शीला दीक्षित  :– चुनाव में सभी की हिस्सेदारी होती है। यह कहना गलत है कि यूपी का चुनाव दो राजनीतिक दलों के दरम्यान है। यह तमाम पार्टियों का चुनाव है और सभी मैदान में है।

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