राष्ट्रगान, मंत्रोच्चारण, शंखनाद और सांस्कृतिक झांकी के साथ गोरखपुर महोत्सव का आगाज

खराब मौसम के कारण उद्घाटन करने नहीं आ सके राज्यपाल

सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने किया उद्घाटन, बोले-सैफई महोत्सव डिस्को कल्चर पर आधारित था जबकि गोरखपुर महोत्सव भारतीय सभ्यता और संस्कृति पर आधारित है

गोरखपुर, 11 जनवरी।  राष्ट्रगान, मंत्रोच्चारण, शंखनाद और स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा गीत व नत्य के जरिये आठ राज्यों की सांस्कृतिक झांकी प्रस्तुत किये जाने के साथ गोरखपुर महोत्सव आज से शुरू हो गया. महोत्सव का उदघाटन राज्यपाल राम नाइक को करना था लेकिन खराब मौसम के कारण वह नहीं आ सके. उनकी अनुपस्थिति में प्रदेश के सिंचाई एंव यान्त्रिक मंत्री धर्मपाल सिंह ने  दीप प्रज्ज्वलित कर महोत्सव का उद्घाटन किया.

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राज्यपाल राम नाइक ने मोबाइल से गोरखपुर महोत्सव की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि पहली बार प्रदेश की कमान एक संत के हाथ में है। उनके साथ से गोरखपुर समेत पूरे उत्तर प्रदेश की शान बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि पूरे विश्व में यूपी की अलग पहचान है । आबादी के लिहाज से अपना प्रदेश सिर्फ तीन देशों अमेरिका, चीन और इंडोनेशिया से पीछे हैं । गोरखपुर, संतों, वीरों और साहित्यकारों की कर्म भूमि रही है और यह जिला प्रदेश की शान है। पूरे प्रदेश में गोरखपुर तेजी से पर्यटन का बड़ा केंद्र बनकर उभर रहा है।

सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि इस अवसर पर उन्होंने कहा कि गोरखपुर महोत्सव  भारतीय संस्कृति सभ्यता और आस्था का प्रतीक है। देश की दौलत यहां की धरती  है जिसमें गंगा, यमुना ,  गोदावरी, राप्ती,  गोमती प्रवाहित होती है। महोत्सव आयोजन पर समाजवादी पार्टी द्वारा लगाये जा रहे आरोपों को लेकर धर्मपाल सिंह ने कहा कि सैफई महोत्सव डिस्को कल्चर पर आधारित था जबकि गोरखपुर महोत्सव भारतीय सभ्यता और संस्कृति पर आधारित महोत्सव है।

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महोत्सव के शुभारंभ मौके पर जहां स्टेपिंग स्टोन, सेंट्रल एकेडमी और नवल्स एकेडमी के चार सौ से अधिक बच्चों ने पारंपरिक नृत्यों से महोत्सव के मंच पर ही आठ राज्यों की सांस्कृतिक झलक पेश की, कोलकाता की मशहूर नृत्यांगना ममता शंकर के डांस ट्रूप ने दोपहर तक समां बांधे रखा। महोत्सव के उद्घाटन अवसर पर पशुधन, मत्स्य, एवं राज्य सम्पत्ति राज्य मंत्री जय प्रकाश निषाद गोरखपुर नगर के विधायक डॉ राधा मोहन दास अग्रवाल, खजनी के विधयक संत प्रसाद, पिपराइच के विधायक महेंद्र पाल सिंह , बांसगांव के विधायक विमलेश पासवान, गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 वी.के. सिंह कमिश्नर अनिल कुमार, आईजी मोहित अग्रवाल, डीआईजी नीलाब्जा चौधरी, डीएम राजीव रौतेला, एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज सहित समेत बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

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महोत्सव आयोजन समति के अध्यक्ष मण्डलायुक्त अनिल कुमार ने सभी का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि महोत्सव के आयोजन का उद्देश्य गोरखपुर के साथ साथ पूर्वान्चल की संस्कृति एंव सभ्यता को प्रदर्शित करना है तथा विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे नित नये नये विकास को दर्शाना है।

कृषि, उद्योग, बैंक, आटोमोबाइल, शिक्षा, फ़ूड और शिल्प की प्रदर्शनी लगी

गोरखपुर महोत्सव में कृषि क्षेत्र, उद्योग, बैंक, आटोमोबाइल, शिक्षा, फुड एंव शिल्प मेला की प्रदर्शनी आयोजित की गयी। सूचना एंव जनसम्पर्क विभाग लखनऊ द्वारा स्वामी विवेकानन्द पर और एन.डी.आर.एफ. द्वारा आपदा प्रबंधन पर चित्र प्रदर्शनी भी लगाई गई।
कृषि क्षेत्र में उप निदेशक कृषि संजय सिंह के मार्ग निर्देशन में विभिन्न विभागों द्वारा लगभग 35 स्टाल लगाये गये थे। उद्यान विभाग द्वारा शाक भाजी फल फूल की प्रदर्शनी अयोजित की गयी। इसके अलावा दुग्ध विकास, कृषि विभाग, इफको किसान मोबाइल सेवा, कृभको, मत्स्य, पशुपालन आदि विभागों द्वारा प्रदर्शनी लगाई गयी।

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शिल्प मेला में हरिद्वार उत्तराखण्ड, भदोही, क्षेत्रीय गांधी आश्रम गोरखपुर तथा गोरखपुर हैण्डलूम एंव चरखा आदि का प्रदर्शन किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा परिवार कल्याण एंव स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी देने के लिए कैम्प लगाया गया।
बुक फेयर में विभिन्न प्रकाशनों जैसे राजकमल प्रकाशन, लोक भारती, डायमण्ड, भारतीय ज्ञानपीठ, शिक्षा प्रकाशन, राहित प्रकाशन तथा विश्व प्रसिद्ध गीता प्रेस द्वारा पुस्तकों की प्रदर्शनी आयोजित की गयी। गोरखपुर महोत्सव में विज्ञान व तकनीकि में पूर्वांचल की उपलब्धियों पर आधारित मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय,  आई0टी0एम0 गीडा,  बुद्धा इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के कुल 22 मॉडल प्रदर्शित किए गए जिसका समन्वयन विश्वविद्यालय अभियन्ता व जिला विज्ञान क्लब के समन्वयक अमित शंकर द्वारा किया गया।

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विज्ञान मेले का उद्घाटन विधायक चौरीचौरा श्रीमती संगीता यादव द्वारा फीता काटकर किया गया। मेले में नगर के सभी प्रमुख स्कूलों के छात्रों द्वारा 100 से अधिक वैज्ञानिक मॉडल भी प्रदर्शित किए गए। बेस्ट मॉडल्स को पुरस्कृत किया जाएगा। मेले के प्रमुख आकर्षण में मोबाइल तारामंडल रहा जिसमे एक साथ 25-25 बच्चों को आंतरिक्ष व सौर मंडल की जानकारी दी गयी। ममोमा  प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के छात्रों द्वारा तैयार फॉर्मूला रेसिंग कार को खूब सराहना मिली।

 

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