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रेलवे के इंजन चालक और गार्डस 36 घंटे के उपवास पर

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लंबित मांगों को लेकर सभी जोन मुख्यालयों व रेलवे बोर्ड पर हो रहा है उपवास
सरकार पर मांगें अनसुनी करने का आरोप लगाया
आन ड्यूटी स्टाफ ने भी उपवास रखकर इस आंदोलन को समर्थन दिया
गोरखपुर, 25 अप्रैल। रेलवे के इंजन चालक और गार्डस ने मंगलवार को सरकार द्वारा अपनी मांगे अनसुनी करने के विरोध में देश के सभी रेल मुख्यालयों पर 36 घंटे का उपवास शुरू किया। गोरखपुर में पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक कार्यालय के बगल में सुबह आठ बजे यह कार्यक्रम शुरू किया गया। पूरे दिन सैकड़ों की संख्या में लोको पायलट और गार्डस अपनी मांगों के समर्थन में डटे रहे।
इस आंदोलन की खास बात यह है कि आन ड्यूटी स्टाफ ने भी उपवास रखकर इस आंदोलन को समर्थन दिया। देश के किसी भी रनिंग रूम की कैंटीन में भोजन नहीं बना। उपवास स्थल पर दिन भर सभा होती रही। इसे लोको रनिंग स्टाफ एशोसियेशन व आल इंडिया गार्ड कौसिंल के नेताओं ने संबोधित किया। उपवास बुधवार को रात 8 बजे समाप्त होगा।
लोको रनिंग स्टाफ एसोसियेशन के महामंत्री जेएन शाह व गार्ड कौंसिल के क्षेत्रीय महामंत्री अनिल कुमार ने बताया कि दोनों संवर्ग के कर्मचारी वेतन भत्तों, ड्यूटी आवर्स, लोको संबंधी समस्याओं, रिक्त पदों को भरने, एसपीएडी, प्रबंधन के मनमाने आदेशों को लेकर जनतांत्रिक तरीके से संघर्षरत है। इन्होंने कहा कि सरकार संरक्षा, सुरक्षा कमेटियां गठित तो कर रही है पर उनकी सिफारिशें लागू करने की जगह रद्दी की टोकरी में फेंक दे रही है। समस्याओं को हल करने की जगह उन्हें सामने लाने वाले कर्मियों का रेल प्रबंधन द्वारा उत्पीड़न किया जा रहा है।
उपवास के कार्यक्रम में संगठन के पदाधिकारी रामप्रसाद, सतीश कुमार सिंह, परमात्मा प्रसाद, जितेन्द्र कुमार, शीतल प्रसाद, भरत कुमार, शिवपूजन वर्मा, सुजीत कुमार राय, रंजीत कुमार, राजकुमार राय, जितेश कुमार, जयप्रकाश, मो सेराज, अभिषेक कुमार, रामचंद्र प्रसाद, मंटू साह, ललित मोहन, विनोद कुमार समेत सौ से ज्यादा सदस्यों ने भाग लिया। इस दौरान महाप्रबंधक को मांगों से संबंधित ज्ञापन भी दिया गया।