स्वास्थ्य

लगातार हो रहे सिरदर्द को नजरअंदाज ना करें हो सकता है गंभीर रोग : डा. प्रणव कुमार

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गोरखपुर, 13 अक्टूबर। जब 4-5 दिन से लगातार सिरदर्द बना रहे साथ में उल्टी, मतली हो रही हो, आंख की रोशनी कम हो रही हो, कान से कम सुनाई दे रहा हो, सिरदर्द  दवा खाने से भी ठीक ना हो और दर्द काफी तेज हो तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज ना करें, क्योंकि ये किसी गंभीर रोग का लक्षण हो सकता है, जैसे ब्रेन ट्यूमर। इसलिए जब सिर दर्द कई दिनों तक लगातार  बना रहे तुरंत डाक्टर से मिले।
यह कहना है इंद्रप्रस्थ अपोलो हास्पिटल नई दिल्ली के न्यूरोसर्जरी डिपार्टमेंट के सीनियर  कंसलटेंट न्यूरो सर्जन डॉ. प्रणव कुमार का। सिविल लाइन स्थित एक होटल में पत्रकारवार्ता में डॉ. प्रणव कुमार  ने बताया कि सिरदर्द ब्रेन ट्यूमर का लक्षण हो सकता है, लेकिन ट्यूमर संबंधित कई अन्य संकेत या परिस्थितियां भी हो सकती हैं, जिसके कारण सिरदर्द होता हो। सुबह-सुबह सिरदर्द होना एक महत्वपूर्ण चेतावनी संकेत है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि सिरदर्द, सामान्य तौर पर एक व्यक्ति में ब्रेन ट्यूमर के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं। अन्य लक्षणों में दौरा पड़ना, नजर या सुनने की क्षमता पर असर, चक्कर आना, मिचली और उलटी आना, हाथों और टांगों में कमजोरी के फिट्स आना या संज्ञानात्मक का स्तर कम होना आदि अन्य संबंधित लक्षण हैं।
सिरदर्द के तय कारकों का विस्तार से विवरण देते हुए डॉ. प्रणव ने बताया कि कुछ खास तरह के सिरदर्द ब्रेन ट्यूमर में आम होते हैं, जैसे कि दर्द को काफी हल्का, एचिंग या मंद-मंद महसूस होना। समय बीतने के साथ सिरदर्द बार-बार होने लगता है और इसकी गंभीरता भी बढ़ जाती है और आगे चलकर ये लगातार बना रहने वाला दर्द बन जाता है, जिससे आसानी से राहत नहीं मिलती है।
शरीर के हिलने-डुलने की अवस्था में ये और भी तेज हो जाता है, विशेषकर लेटने के दौरान। वहीं खांसी या छींक आने पर भी ये काफी तेज हो जाता है।
उनका का कहना है कि सामान्य धारणा के विपरीत ब्रेन ट्यूमर का इलाज हो सकता है और कैंसर आधारित ट्यूमर को भी नियंत्रित किया जा सकता है और समय पर ध्यान देने और सही इलाज से इसको ठीक किया जा सकता है।
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उन्होंने बताया कि मिर्गी कई तरह की होती हैं। ब्रेन ट्यूमर का प्रमुख कारण हैं। मिर्गी मरीज का जब झटका पड़े तो मरीज को करवट लिटायें। मुहं में कोई चीज ना डालें। ना जूता सुंघायें और ना ही पानी पिलायें। मुंह में कोई चीज ना डाले दांत टूटने का खतरा बना रहता हैं। इसके अलावा जल्दी-जल्दी चश्मे का पॉवर बदल रहा हो। दो तीन माह में कई चश्मे बदल चुके हो तो यह खतरनाक संकेत हैं।
उन्होंने बताया कि इस बीमारी की वजह हमारी लाइफ स्टाइल, खानपान, व्यायाम ना करना सहित बहुत सारी चीजें इसके लिए जिम्मेदार हैं।  सीटी स्कैन व एमआरआई के जरिया इस बीमारी का पता किया जा सकता हैं।
शुरुआती दौर में डेढ़ से ढ़ाई लाख रुपये में इस बीमारी से निजात पायी जा सकती हैं लेकिन जैसे-जैसे गंभीरता बढ़ेगी खर्च में इजाफा होगा। ब्रेन ट्यूमर का इलाज संभव हैं। जागरुकता बेहद जरुरी है। इसके लक्षणों पर ध्यान दीजिए और तुरंत डाक्टर से मिलिए। सिरदर्द के उपयुक्त उपचार के लिए रोगनिदान की आवश्यकता  होती हैं और इसके बाद इसके कारण का उपयुक्त प्रबंध होता हैं। बार-बार सिरदर्द होने की स्थिति में बाजार में आमतौर पर मिलने वाली दवाईयों का सेवन खुद नहीं करना चाहिए।ऐसी स्थिति में डाक्टक से सलाह करना ठीक रहता हैं।
ब्रेन ट्यूमर के लक्षण
1. सिरदर्द और कई बार हाथों में सिहरन
2. शरीर के एक हिस्से में कमजोरी
3. दौरा पड़ना (विशेषकर बुजुर्गों में)
4. व्यक्ति की मानसिक क्षमताओं में बदलाव
5. सर्तकता में बदलाव (अनिद्रा, अवचेतना और संज्ञाशून्य हो जाना)
6. थकान या मूवमेंट में असामान्य सनसनी (वर्टिगो)
7. संतुलन और को-ऑर्डिनेशन क्षमता प्रभावित होना
8. उलझन, यादाश्त में कमी
 9. आंखों में समस्याएं
10. मिर्गी की झटका
11. कान से सुनाई कम देना
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