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विधानसभा मार्च कर रहे सैकड़ों चौकीदार गिरफ्तार, देर रात रिहा

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राज्य कर्मचारी घोषित करने और सातवें वेतनमान आयोग के अनुसार 18 हजार रूपए मानदेय देने की मांग को लेकर दो दिन धरना देने के बाद विधानसभा कूच कर रहे थे चौकीदार  
लखनऊ, 27 अक्टूबर। राज्य कर्मचारी घोषित करने और सातवें वेतन आयोग के अनुसार 18 हजार रूपए मानदेय देने, दुर्घटना बीमा योजना, चिकित्सा क्षतिपूर्ति देने और उत्पीड़न रोकने की मांग को लेकर विधानसभा मार्च कर रहे सैकड़ों चौकीदारों को कल पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार चैकीदारों को पुलिस लाइन्स में रखा गया जिन्हें रात दस बजे रिहा किया गया।

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चौकीदार अपनी इन मांगों को लेकर 24 अक्टूबर से लक्ष्मण मेला मैदान में धरना दे रहे थे। मांग पर कोई सुनवाई न होने पर उन्होंने 26 अक्टूबर को विधानसभा मार्च करने का निर्णय लिया।
गिरफ्तारी देने वालों में उत्तर प्रदेश ग्रामीण चौकीदार यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष रामानंद पासवान, प्रदेश सह संयोजक जितेन्द्र, एक्टू की राज्य कमेटी के सदस्य डा. कमल उसरी, रामकिशोर, अंगद, आत्माराम, सन्तोष कुमार, कन्हैया, प्रेम, नसरूद्दीन, हरेराम, शारदानंद पासवान, वीरेन्द्र, मोतीलाल, बालमुकुन्द, विनोद यादव, कमलेश कुमार, शिवधारी, शिवशंकर, रामप्रीत, संतोष, कमलेश आदि के नाम प्रमुख हैं।

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चौकीदारों का कहना था कि पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने चौकीदारों के एक सम्मेलन में कहा था कि पूर्ण बहुमत की सरकार बनने पर वह चैकीदारों को राज्य कर्मचारी का दर्जा देंगे लेकिन सपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनने के बाद भी मांग को पूरा नहीं किया गया न ही मानदेय बढ़ाया गया। एक्टू के प्रदेश अध्यक्ष कामरेड हरि सिंह ने चैकीदारों की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए कहा कि एक्टू उनके आंदोलन को पूरा समर्थन देता है और आंदोलन को और तेज करने में सहयोग करेगा।

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