समाचार

विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं पर पुलिस ने जमकर लाठियां बरसाईं

  • 214
    Shares

प्रशासनिक भवन से छात्रावासों तक दौड़ाकर पीटे गए छात्र
छात्रावासों में घुसकर पिटाई,  दो दर्जन से ज्यादा घायल, डेढ़ दर्जन हिरासत में
छात्र संघ चुनाव के लिए सरकार की अनुमति को जरूरी बताने के डिप्टी सीएम डा. दिनेश शर्मा के बयान के बाद चुनाव निरस्त करने के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे छात्र

26 नामजद व 100 अज्ञात छात्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज

गोरखपुर, 8 सितम्बर.आज गोरखपुर आए उप मुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री दिनेश शर्मा द्वारा छात्र संघ चुनाव कराने के लिए सरकार की पूर्वानुमति लेने को जरूरी बताए जाने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन 18 सितम्बर को छात्र संघ चुनाव कराने की अपनी ही घोषणा से पीछे हट गया और चुनाव की घोषणा को निरस्त कर दिया। इसकी जानकारी होने पर प्रशासनिक भवन पर प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं पर पुलिस व पीएसी ने जमकर लाठीचार्ज किया। छात्र-छात्राओं को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया। छात्राएं भी पिटाई का शिकार हुईं। भागकर छात्रावास पहुंचे छात्रों को उनके कमरों में घुसकर पीटा गया। दो दर्जन से अधिक छात्र पिटाई से घायल हुए हैं। महिला छात्र नेता अन्नू प्रसाद सहित कई घायल छात्र जिला अस्पताल में भर्ती कराए गए हैं। पुलिस ने डेढ़ दर्जन छात्रों को हिरातस में ले लिया है।

32

छात्रावासियों का आरोप है कि पुलिस ने उनके कमरों में तोड़फोड़ की। कुर्सियां, कमरों के दरवाजे, साइकिलें क्षतिग्रस्त कर दी गयी हैं। एक छात्र का आरोप है कि पुलिस ने उसका लैपटाप भी तोड़ डाला। इस घटना के बाद छात्रावास खाली हो गए। दहशतजदा छात्र अपने कमरे छोड़कर भाग गए हैं। छात्रावास परिसर और विवि के प्रशासनिक भवन पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।

31

उपमुख्यमंत्री और उच्च शिक्षामंत्री डा. दिनेश शर्मा आज गोरखपुर आए हुए थे। वह एक कार्यक्रम में गोरखपुर विश्वविद्यालय के संवाद भवन में शरीक हुए। उनके आने के पहले विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा छात्र संघ चुनाव करने की घोषणा की जा चुकी थी और प्रो संजय बैजल को चुनाव अधिकारी बनाया जा चूका था. चर्चा थी कि 18 सितम्बर को चुनाव होगा. लेकिन आज विश्वविद्यालय कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा ने कहा कि उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से लिंगदोह कमेटी के दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन करते हुए शैक्षणिक सत्र शुरू होने के बाद निर्धारित अवधि में चुनाव करा लेने को कहा था। लेकिन विभिन्न कारणों से ऐसा नहीं हो सका। अब बेहद कम समय बचा है। निर्णय विश्वविद्यालय प्रशासन को लेना है। यदि इतने कम समय में लिंगदोह कमेटी के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए विवि प्रशासन चुनाव करा सकता है, साथ ही विवि परिसर और शहर की शांति व्यवस्था को सुनिश्चित करने की गारंटी ले सकता है तो चुनाव कराया जा सकता है लेकिन उसे सरकार से अनुमति लेनी पड़ेगी। विवि प्रशासन अपना प्रस्ताव भेजेगा तो सरकार इस पर निर्णय लेगी। डिप्टी सीएम के इतना कहने के बाद पहले से अनिर्णय की स्थिति में चल रहे विवि प्रशासन में छात्र संघ चुनाव को निरस्त कर दिया।

अन्नू प्रसाद

छात्र संघ चुनाव निरस्त किए जाने की जानकारी मिलने पर बड़ी संख्या में छात्र नेता प्रशासनिक भवन पर जुट गए और प्रदर्शन करने लगे। छात्र नेताओं ने दोनों ओर से प्रशासनिक भवन में ताला जड़ दिया। अंदर कुछ छात्र-छात्रायें भी फंसे हुये थे। उन्होंने बाहर निकलने का निवेदन किया तो दरवाजा खोल दिया गया। मना करने के बावजूद छात्रों के साथ कुछ कर्मचारी भी बाहर आ गये। इससे नाराज छात्रों ने उनके साथ हाथापाई की। इसके बाद वहां मौजूद पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज कर दिया। लाठीचार्ज का आदेश मिलते ही पुलिस व पीएसी के जवानों ने बर्बरता पूर्वक छात्रों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटना शुरू कर दिया।  महिला छात्र नेता अन्नू प्रसाद पर ताबड़तोड़ लाठी चलाई गई।

घायल छात्र 2

छात्रसंघ उपाध्यक्ष अखिल देव त्रिपाठी व शिवशंकर गौड़ और बीए तृतीय वर्ष के छात्र शाहरूख खान को भी चोटें आयीं। छात्र भागकर छात्रावास पहुंचे और प्रदर्शन करते हुये मुख्य सड़क जाम कर दिया। जाम के कारण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा की फ्लीट को रास्ता बदलना पड़ा।

लाठीचार्ज

कुछ देर बाद प्रशासन ने रास्ता खाली कराया। प्राक्टर, कैण्ट इन्स्पेक्टर के साथ बातचीत चल रही थी। इसी बीच पुलिस ने फिर से छात्रों पर लाठी चार्ज कर दिया। सैकड़ों की संख्या में पीएसी व पुलिस के जवान छात्रावास में घुस गये छात्रों को पीटने लगे। विरोध में छात्रों ने भी ईंट-पत्थर चलाये। पुलिस ने नाथ चन्द्रावत व विवेकानन्द छात्रावास के अंदर जाकर छात्रों की पिटाई की गयी। छात्रों ने आरोप लगाया कि कमरे से एक-एक छात्र को निकाल कर उनकी पिटाई की गयी।  इसके लिये कमरों के ताले व दरवाजे भी तोड़ दिये गये, कमरे में रखा लैपटाप,  मेज, कुर्सी भी तोड़ दिया गया। खाने पीने का सामान बिखेर दिया गया। इतना ही नहीं छात्रावासों में लगे सीसीटीवी कैमरे व कम्प्यूटर को भी तोड़ दिया गया। पुलिस ने यह सब  छात्रावास के अधीक्षक की जानकारी बिना किया।

घायल छात्र
पूर्व छात्र नेता विश्वविजय सिंह ने गोरखपुर न्यूज लाइन को बताया कि जिला अस्पताल में घायल छात्र नेता अन्नू प्रसाद सहित कई छात्र भर्ती हैं। अन्नू प्रसाद को गंभरी चोटें आई हैं। पुलिस कार्यवाही की डर से तमाम घायल छात्र बिना इलाज कराए जिला अस्पताल से भाग गए।

टूटा छात्रावास गेट

श्री सिंह ने बताया कि कैंट थाने में 16 छात्राओं को हिरासत में रखा गया है जो लाठीचार्ज में घायल हैं। उन्होंने कहा कि छात्र संघ चुनाव घोषित हो जाने के बाद उप मुख्यमंत्री द्वारा चुनाव टालने का निर्देश दिया जाना विश्वविद्यालय की स्वायत्ता पर हमला है। यही नहीं छात्रावास अधीक्षक की अनुमति के पुलिस हास्टल में घुसी और छात्रों की बर्बर पिटाई की।
छात्र नेता पवन कुमार ने आरोप लगाया कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की विश्वविद्यालय परिसर में कमजोर स्थिति के कारण चुनाव को निरस्त किया गया। सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन हर हालत में अभाविप को छात्र संघ चुनाव में जिताना चाहता है। यही कारण है कि उसने छात्र संघ चुनाव को टाल दिया।
पूर्वांचल सेना के अध्यक्ष धीरेन्द्र प्रताप ने कहा कि उप मुख्यमंत्री के तानाशाही फरमान का प्रशाशनिक भवन पर विरोध कर रहे छात्रो को घेरकर बेरहमी से मारा गया। उसके बाद फोर्स को छात्रावास भेजा गया। पुलिस ने छात्रावास का गेट तोड़ डाला। 30 कमरों में घुसकर रूम में रह कर पढ़ रहे छात्रों को पीटा.

26 नामजद व 100 अज्ञात छात्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज

देर रात कैण्ट पुलिस ने आज की घटना में 26 नामजद और 100 अज्ञात छात्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया. पुलिस अधिकारीयों के अनुसार छात्रों द्वारा किये गए पथराव में सहजनवां और कैण्ट इंस्पेक्टर समेत आधा दर्जन पुलिस कर्मी चोटिल हुए। इंस्पेक्टर कैण्ट मनोज पाठक के हाथ के अंगूठे में चोट आयी  जबकि इंस्पेक्टर सहजनवां अरुण शुक्ला का पैर चोटिल हुआ। इंस्पेक्टर कैण्ट का मोबाइल भी इस दौरान क्षतिग्रस्त हुआ। इस मामले में इंस्पेक्टर कैण्ट ने बताया कि 26 छात्रों को चिह्नित करते हुए 100 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। 7 छात्रों को विभिन्न धाराओं में जेल भेजा जायेगा जबकि 11 छात्रों को निजी मुचलके पर मजिस्ट्रेट ने छोड़ दिया।

Add Comment

Click here to post a comment