Templates by BIGtheme NET
Home » जनपद » शिक्षा व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए इलाहाबाद हाइकोर्ट 2015 के निर्णय को लागू किया जाए
islamic student orgization

शिक्षा व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए इलाहाबाद हाइकोर्ट 2015 के निर्णय को लागू किया जाए

एसआईओ संगठन ने डीएम को सौंपा ज्ञापन

गोरखपुर , 24 मार्च। स्टूडेन्ट्स इस्लामिक आर्गेनाइज़ेशन आॅफ इण्डिया की जनपद शाखा के प्रतिनिधि मंडल ने शुक्रवार को  जिलाधिकारी के. विजयेन्द्र पाण्डियन से मुलाक़ात की और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन सौंपा।

एसआईओ ने ज्ञापन के जरिए मांग की कि उत्तर प्रदेश की सरकारी शिक्षा व्यवस्था में सुधार एवं गुणवत्ता लाने के लिये उत्तर प्रदेश सरकार आवश्यक कदम उठाए। शिक्षा को सर्व सुलभ बनाया जाए तथा शैक्षिक असमानता को दूर किया जाए। शिक्षा के लिए आवंटित बजट का उपयोग ठीक प्रकार से किया जाए। समय-समय पर पाठ्क्रयम पर विचार-विमर्श भी किया जाए ताकि शैक्षणिक गुणवत्ता को बेहतर बनाया जा सके। शिक्षा के बाजारीकरण पर रोक लगायी जाए तथा कुशल शिक्षकों की नियुिक्त की जाए। प्राइमरी शिक्षको की नियक्ति, वेतन तथा अन्य समस्याओ को दूर किया जाए ताकि प्राइमरी शिक्षा को बेहतर बनाया जा सके। शिक्षा को भ्रष्टाचार से मुक्त किया जाए। शिक्षा पूर्णरुप से सरकार के नियंत्रण में हो। देश के सभी वर्गों के छात्र एवं छात्राओ को बिना किसी भेदभाव के शिक्षा के समान अवसर उपलब्ध कराए जाए। प्राथमिक विद्यालयों को केन्द्रीय विद्यालयों के तर्ज पर विकसित किया जाए। शिक्षा को मातृभाषा में सर्व शुलभ बनाया जाए। राज्य स्तरीय विश्वविद्यालयों में इस्लामिक अध्ययन विभाग की स्थापना की जाए। उप्र में मदरसे बहुत अधिक हैं अतः मदरसे से पढ़ने के बाद उन्हें प्रदेश की विश्वविद्यालयों में प्रवेश देने का प्राविधान बनाया जाए और सबसे महत्वपूर्ण कि शिक्षा व्यवस्था के संबन्ध में इलाहाबाद हाईकोर्ट 2015 के निर्णय को पूर्णतः लागू किया जाए।

प्रतिनिधिमंडल में मोहम्मद राफे, फैज़ान सरवर, औसाफ अहमद, मो वाजिद आदि शामिल थे।

About गोरखपुर न्यूज़ लाइन

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*