साहित्य - संस्कृति

सरायकेला का छउ, राजस्थान का तमाशा और मध्य प्रदेश का गुदुम्ब बाजा देखना-सुनना हो तो चलिए जोगिया

लोकरंग-2016 का आयोजन 7 और 8 मई को
पांच राज्यों की लोक कलाएं जीवंत होंगी जोगिया में
गोरखपुर, 4 मई। कुशीनगर जिले के जोगिया गांव में हर वर्ष आयोजित होने वाला फोक फेस्टिवल लोकरंग इस बार लोक कलाओं के कई नए गुलदस्ते लेकर आ रहा है। यूपी, बिहार, झारखंड के साथ-साथ मध्य प्रदेश और राजस्थान की लोककलाओं की प्रस्तुति भी लोगों को देखने को मिलेगी। साथ ही उत्तर प्रदेश के आदिवासी इलाके सोनभद्र का करमा नृत्य भी दर्शक देख सकेंगे।
लोकरंग-2016 का आयोजन 7 और 8 मई को हो रहा है। गोरखपुर से बिहार को जाने वाले फोर लेन सड़क पर फाजिलनगर कस्बे से तीन किलोमीटर दूर जोगिया गांव में लोकरंग का यह नवां आयोजन होगा। वर्ष 2016 में इसकी शुरूआत हुई थी। उद्देश्य था कि संस्कृति के नाम पर में परोसे जा रहे फूहड़पन और अपसंस्कृति के बरक्स जन संस्कृति से लोगों को रूबरू कराना और लोक कलाओं के विकास के लिए मंच उपलब्ध कराना। आज यह आयोजन कुशीनगर की सीमाओं से बाहर निकलते हुए पूरे देश में अपनी एक पहचान बना चुका है।

  • लोकरंग 2016 के ये होंगे रंग
    झारखंड के सरायकेला का छउ नृत्य
    राजस्थान का तमाशा जो गोपीचंद और भतृहरि की कहानी पर आधारित होगा
    मध्य प्रदेश का गुदुम्ब बाजा और शैला नृत्य
    सोनभद्र का करमा नृत्य
    गाजीपुर का गोड़उ नृत्य

लोकरंग में बिहार के पटना की नाट्य टीम ‘ विश्वा ’दोनों रात एक-एक नाटक का मंचन करेगी। सात मई की रात यह टीम फणीश्वरनाथ रेणु की प्रसिद्ध रचना तीसरी कसम की नाट्य प्रस्तुति करेगी। दूसरी रात आठ मई को परदेशी राम वर्मा की कहानी ‘ पकड़ ’ पर आधारित नाटक ‘ जो घर जारै आपना ’ का मंचन होगा। दोनों नाटकों का निर्देशन राजेश राजा करेंगे।

 

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इसके अलावा जनगीतों के गायन से पूरे देश में चर्चा का विषय बनी पटना की रंग संस्था हिरावल की प्रस्तुतियां भी लोगों को मन मोहने के साथ-साथ झकझोरेंगी। कुशीनगर जिले कई लोक कलाकर भी अपनी प्रस्तुति करेंगें। इनमें फाजिलनगर के लछिया गांव के लोक कलाकार जारी गायन प्रस्तुत करेंगे तो फाजिलनगर के ही पावा नगर महावीर इंटर कालेज के संगीत शिक्षक मंगल प्रसाद लोकगीत गाएंगें। जोगियां गांव की महिलाओं के कजरी गीत से लोकरंग का शुभारम्भ होगा।

लोकरंग के दूसरे दिन सुबह 11 बजे से साहित्य संस्कृति और समाज में अविव्यक्ति की स्वतन्त्रता का प्रश्न ‘ विषय पर संगोष्ठी भी होगी।
आयोजक संस्था लोकरंग सांस्कृतिक समिति के  सुभाष चन्द्र कुशवाहा ने बताया कि लोकरंग में शामिल होने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से बुद्धिजीवी, कवि, कहानीकार, पत्रकार व लोककला मर्मज्ञ आ रहे हैं। इनमें वरिष्ठ पत्रकार आंनद स्वरूप वर्मा, पंकज चतुर्वेदी, अरविंद सिंह, वरिष्ठ आलोचक प्रो रविभूषण, प्रो दिनेश कुशवाह, कहानीकार योगेन्द्र आहुजा, मदन मोहन, हृषिकेश सुलभ, तैयब हुसैन, डा, आद्या प्रसाद तिवारी, जितेन्द्र भारती, अभिषेक पंडित, ममता पंडित आदि के नाम उल्लेखनीय है।

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