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सात करोड़ से विकसित होंगे सोहगीबरवा के पर्यटन स्थल

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– वन विभाग ने तैयार किया एक्शन प्लान
अमलीजामा पहनाने को पर्यटन विभाग से तकनीकी सहयोग लिया जाएगा

महराजगंज, 10 सितम्बर. प्रदेश के छह इको पर्यटन क्षेत्रों में शामिल सोहगीबरवा सेंचुरी के पर्यटन स्थलों को सात करोड़ से विकसित किया जाएगा । इसके लिए वन विभाग ने एक्शन प्लान तैयार कर शासन को भेज दिया है। योजना को अमलीजामा पर्यटन विभाग से तकनीकी सहयोग लिया जाएगा ।
वन विभाग ने सोहगीबरवा को चार यूको टुरिज्म सर्किट में बांट कर कार्य योजना बनाई है ताकि कुशीनगर, लुम्बिनी व श्रावस्ती आने जाने वाले बौद्धिस्टो   के साथ -साथ प्रकृति एवं वन्यजीव प्रेमियों को सोहगीबरवा की तरफ आकर्षित किया जा सके।

ट्राम्बे रेल
ट्राम्बे रेल

सोहगीबरवा का ऐसे होगा विकास
लक्ष्मीपुर सर्किट एक-128 लाख से
पकड़ी रेंज सर्किट दो-176 लाख से
निचलौल रेंज सर्किट तीन-192 लाख से
दक्षिणी चौक सर्किट चार-202 लाख से

हिरन
आकर्षक के केन्द्र होंगे ये प्रमुख स्थान
खेसरहा ताल, टेढीघाट, भगवान बुद्ध का ननिहाल बनरसिहा खुर्द,भैसहिया चौराहा, बोकड़ा देवी मंदिर,कटहरा शिव मंदिर, दुधई वन खंड, दर्जीनिया ताल, टेलफाल, गंडक, डोमा, कुड़िया मंदिर,प्यास नाला, देईभार, सिगरहना ताल, मधवलिया आदि।

सोहगीबरवा में इन वन्य जीवों का होगा दीदार
-टाइगर, तेन्दुआ,जंगली बिल्ली,गीदड़, लोमड़ी, भेड़िया,बिज्जू , लकड़बग्घा,भालू, नीलगाय,चीतल, काकड़,पाढा, बारहसिंगा,जंगली सुअर ,बंदर, लंगूर,सेही, खरहा, नेवला आदि।

डी एफ ओ मनीष सिंह
डी एफ ओ मनीष सिंह

साइबेरियन व देशी पक्षी का दिखेगा नजारा
सोहगीबरवा में जहां कामन पोचर्ड, लाल सर ,टफऐड डब, ग्रेटी,कामन टील,नीलसर,बिजीपेन,नारगेनी, पिनटेल जैसी साइबेरिया पक्षी का दिलदार होगा, वहीं देशी पक्षियों का भी नजारा देखने को मिलगा।

 चारों सर्किटों में सैलानियों  के लिए की जाएगी यह व्यवस्था

आठ वाहन,आठ नेचर गाइड ,कैमरा,दूरबीन ,कैन्टिन,प्रचार प्रसार सामग्री,मोटर बोट, नाइट हाल्ट हटमेंट ,चार नाव व पांच पैडल  आदि।
सोहगीबरवा  के डीएफओ मनीष सिंह ने कहा कि सोहगीबरवा को यूको टुरिज्म के लिहाज से चार सर्किट में बांटा गया है। जिसमें जिसमें लक्ष्मीपुर व पकड़ी सर्किट की कुल लंबाई 25 -25 किमी , निचलौल सर्किट  की 35 तथा दक्षिणी चौक सर्किट की कुल लंबाई 40 किमी है। इन चारों सर्किटो के प्रमुख पर्यटन स्थलों के विकास पर कुल 698 लाख का एक्शन प्लान तैयार कर शासन में भेजा गया है।

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