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बरही-पाथ तटबंध टूटा, गोरखपुर-वाराणसी मार्ग बंद

रोहिन, राप्ती, गोर्रा, आमी के साथ घाघरा भी उफान पर 
– बोक्टा-बरवार, लहसड़ी व मलौनी बांध अतिसंवेदनशील
गोरखपुर, 21 अगस्त। नेपाल में लगातार हो रही बारिश से राप्ती, रोहिन, घाघरा, गोर्रा नदियां उफान पर हैं। सोमवार को झंगहा क्षेत्र में राप्ती नदी पर बना बरही-पाथ तटबंध टूट गया। बांध के टूटने से 50 से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया। इसके साथ ही गोरखपुर-वाराणसी राजमार्ग पर बगहा बीर बाबा मंदिर के पास सड़क पर पानी चढ़ने से भारी वाहनों के संचलन को पूरी तरह से रोक दिया गया है। बड़हलगंज से आने वाली सवारी गाड़ियों को कौड़ीराम में ही खाली कराया जा रहा है। नौसढ़ में तटबंध की स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। यहां तटबंध पर नागरिक पहरा दे रहे हैं क्योंकि उन्हें आशंका है कि गोरखपुर शहर को बचाने के लिए प्रशासन तटबंध को काट देगा।
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जिले के करीब 100 गांव बाढ़ की चपेट में है। सबसे बुरी स्थिति में मानीराम, जंगल कौड़िया, सिक्टौर, पीपीगंज, कैंपियरगंज के गांव हैं। जिले में रोहिन, राप्ती और आमी नदी का कहर लगातार जारी है। डोमिनगढ़ के इलाके में सेना ने कमान संभाली है। जिलाधिकारी ने भी बाढ़ से घिरे और जलमग्न गांवों का दौरा किया। सेना ने दर्जनों परिवारों को अपनी बोट से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। नदियों के लगातार बढ़ते जलस्तर से बंधों की कटान जारी है।
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राप्ती के बढ़ते जलस्तर के कारण बोक्टा-बरवार, कौड़ीराम-मलौनी और लहसड़ी बाढ़ संवेदनशील बना हुआ है। सेना और एनडीआरएफ के जवानों ने मोर्चा संभाला है लेकिन बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री नहीं मिल पा रही है। नदियों में पानी बढ़ने से आधा दर्जन से अधिक तटबंध कट चुके हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जिला प्रशासन की व्यवस्था नाकाफी हो गयी है।
बाढ़ प्रभावित मानीराम क्षेत्र में तेल के अभाव में पीएसी के सभी बोट खड़े हो गये। स्थानीय लेखपाल के साथ ही अन्य जिम्मेदार भी मौके से निकल लिये। कुछ समय बाद मानीराम में पहुंचे डीआईजी को जब तेल के अभाव में बोट खड़ा होने की सूचना मिली तो उन्होंने तत्काल 100 लीटर तेल मंगाकर बोट में डलवाया।
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कुआनो के मुहाने पर बसे आधा दर्जन गांव बाढ़ के पानी से घिर गये हैं। बाढ़ प्रभावितों को सुरक्षित निकालने के लिए तहसील प्रशासन द्वारा मात्र दो नाव उपलब्ध करायी है। बेलघाट क्षेत्र के गाँव बनकटी, हरिहरपुर, रतनपुरा, शाहीदाबाद, मजीठिया, मलौली, अलावलपुर व भरहूपुर गाँव बाढ़ की पानी से घिर गए हैं।

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