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मैत्रेय परियोजना के लिए अधिग्रहित भूमि तत्काल किसानों को वापस करे सरकार : संदीप पांडेय

आमी बचाओ मंच के आन्दोलन का समर्थन किया

गोरखपुर /कुशीनगर. प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता संदीप पांडेय ने 20 अप्रैल की शाम सिसवा महंथ जाकर मैत्रेय परियोजना के विरोध में आंदोलन कर रहे भूमि बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष गोवर्धन गौड से मुलाकात की. उन्होंने इस मौके पर प्रदेश सरकार से मांग की कि वह परियोजना के लिए अधिग्रहित भूमि तत्काल किसानों को वापस कर दे.

श्री पाण्डेय ने मैत्रेय परियोजना और किसान आंदोलन के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की. श्री गौड ने बताया कि मैत्रेय प्रोजेक्ट ट्रस्ट ने शिलान्यास के चार वर्ष बाद भी कोई कार्य नहीं किया है. उसके प्रतिनिधि प्रशासन और आम लोगों को गलत जानकारी दे रहे हैं कि उनका निर्माण कार्य चल रहा है. ट्रस्ट का इरादा कभी कोई कार्य कराने का नहीं था. उसका मकसद किसानों की जमीन हड़पनी थी.

संदीप पांडेय ने कहा कि प्रदेश सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि मैत्रेय परियोजना को लेकर उसकी क्या नीति है ? इस परियोजना की घोषणा और जमीन अधिग्रहण के डेढ़ दशक होने जा रहे हैं. भूमि अधिग्रहण क़ानून के प्रावधानों के मुताबिक जिस योजना के लिए भूमि ली गई है यदि वहां 5 वर्ष तक वह परियोजना स्थापित नहीं होती है तो किसानों को जमीन वापस करना होगा. इस आधार पर मैत्रेय परियोजना के लिए किसानों से ली गई भूमि सरकार को किसानों को वापस कर देनी चाहिए. यदि सरकार ऐसा नहीं करती है तो वह किसानों को धोखा देने का इरादा रखती है.

उन्होंने कहा कि आरटीआई से सरकार से पूछा जाएगा कि उसका इरादा क्या है , यदि वह जमीन वापस करने की बात नहीं करती है तो किसानों के साथ मिलकर आंदोलन तेज किया जाएगा.

आमी बचाओ मंच के आन्दोलन का समर्थन

गोरखपुर में डॉ संदीप पाण्डेय ने एक दशक से आमी नदी को प्रदूषण से मुक्त कराने के लिए आमी बचाओ मंच द्वारा चलाये जा रहे आन्दोलन का समर्थन किया और कहा कि एक नदी को बचाने के लिए किया जा रहा यह आन्दोलन अपने आप में अनूठा है. उन्होंने सरकार द्वारा नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा दिए गए आदेश का पालन नहीं करने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा की इससे पता चलता है ही पर्यावरण के प्रति सरकार का रवैया कितना असंवेदनशील है. उन्होंने आमी बचाओ के आगे के आन्दोलन में शरीक होने की बात कही.

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