साहित्य - संस्कृति

प्रेमचंद पार्क में ‘ सद्गति ’ का मंचन

गोरखपुर. अलख कला समूह शनिवार को प्रेमचंद पार्क में बने मुक्ताकाशी मंच पर मुंशी प्रेमचंद द्वारा लिखित कहानी  ‘ सद्गति ‘ का मंचन किया. वरिष्ठ कहानीकार एवं रंगकर्मी राजाराम चौधरी ने कहानी का नाट्य रूपांतरण  किया था जबकि निर्देशन बेचन सिंह पटेल का था.

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नाटक में दुखी अपनी बेटी की शादी का शगुन निकलवाने पंडित के वहां जाता है. पंडित अपने घर का सारा काम शगुन के बहाने करा लेना चाहता है। दुखी बिना कुछ खाए पिए सारा काम करता जाता है अंत में  लकड़ी को गांठ को चीरते-चीरते उसकी मौत हो जाती है. जब दुखी के टोले में लोग आते हैं तो दुखी की लाश को ले जाने से मना कर देते हैं। अंत में पंडित खुद दुखी की लाश को ठिकाने लगाता है। यह नाटक समाज के दबे कुचले वर्ग के सामाजिक शोषण का उजागर करता है।

नाटक में निर्देशक ने कई प्रयोग किये थे. नाटक में पार्श्व में लगातार गीतबजता रहता है हालांकि कई बार गीत-संगीत नाटक पर हावी दिखा. नाटक के संवाद  भोजपुरी में थे और कुछ दृश्य व संवाद आज के समय से जोड़े गए हैं.

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नाटक में दुखी की भूमिका राकेश कुमार ने, पंडित की भूमिका प्रदीप कुमार, फुलवा की अनन्या, झुरिया की ममता पांडे, पंडिताइन की नम्रता श्रीवास्तव, सूत्रधार की भूमिका आशुतोष पाल ने अभिनीत की. रूप सज्जा व परिकल्पना बैज नाथ मिश्र की थी. संगीत संयोजन इंजीनियर प्रदीप कुमार पलटा का था.

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