पर्यावरण राज्य

आज से 50 माइक्रॉन से कम वजन की पालिथीन का प्रयोग दंडनीय

इस्तेमाल करने पर 50 हजार तक जुर्माना, छह माह तक जेल की सजा का भी प्रावधान

सरकार लायेगी आदेश, सरकारी अमला आज से प्रतिबंध को लागू करवाने में जुटा

गोरखपुर, 15 जुलाई। 50 माइक्रान से कम वजन वाले पालिथीन के इस्तेमाल पर आज से पूरी तरह प्रतिबंध होगा। उत्तर प्रदेश के सीएम ने 15 जुलाई से पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया था। कैबिनेट की बैठक में भी इसका फैसला लिया गया था। समझा जाता है कि नगर विकास विभाग आज ही इसके लिए औपचारिक आदेश जारी कर देगा। राज्य सरकार इसके लिए अध्यादेश भी लाने जा रही है। इसमे पॉलिथीन का प्रयोग दंडनीय अपराध होगा। पॉलिथीन पर बैन लगाने वाला उत्तर प्रदेश 19वां राज्य होगा।
सरकारी आदेश के मुताबिक पालिथीन बनाने से लेकर बेचने व इसके स्टोर करने को पूरी तरह प्रतिबंधित व दंडनीय कर दिया गया है।यही नही प्लास्टिक के कप, ग्लास और पॉलिथीन के सभी तरह के कैरीबैग के इस्तेमाल पर अब 50 हजार रुपये तक जुर्माना लगेगा। छह माह तक सजा का भी प्रावधान किया गया है।सरकारी अमला पिछले एक सप्ताह से पालिथीन की जब्ती और रोक की कवायद में जुटा हुआ है।

वर्ष 2000 से ही चल रही रोक की कवायद
उत्तर प्रदेश में पॉलिथीन बंद करने की वर्ष 2000 से कवायद चल रही है लेकिन अलग-अलग कानूनों के चलते अब तक इस काम में सफलता नहीं मिल पाई। नगर विकास विभाग ने वर्ष 2000 में “ उत्तर प्रदेश प्लास्टिक और अन्य जीव अनाशित कूड़ा-कचरा अधिनियम” लागू किया था। इसके तहत 20 माइक्रॉन से कम की पॉलिथीन के उपयोग पर प्रतिबंध है। तो वही पर्यावरण विभाग 22 दिसम्बर 2015 में जारी अधिसूचना में सभी तरह के पॉलिथीन (कैरी बैग) के प्रयोग पर प्रतिबंध लगाया था।  केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने 50 माइक्रॉन से कम पॉलिथीन को पर्यावरण के लिए खतरनाक माना है और इस पर रोक की सिफारिश की थी।
अभी तक अलग-अलग प्रावधानों से पॉलिथीन के प्रयोग पर प्रतिबंध का मामला उलझता रहा है। लेकिन अब शासन ने सभी तरह के संशयों को दूर करते हुए केंद्र सरकार के एक्ट के मुताबिक 50 माइक्रॉन से कम की पॉलिथीन को प्रतिबंधित करने का फैसला लिया है।