जीएनल स्पेशल

24 घंटे में इंसेफेलाइटिस से तीन बच्चों सहित चार की मौत

बीआरडी मेडिकल कालेज का इंसेफेलाइटिस वार्ड (फोटो-मनोज )

बीआरडी मेडिकल कालेज में इंसेफेलाइटिस से मौतों की संख्या 124 पहुंची
चार जिलों के जिला अस्पतालों में भी दस लोगों की मौत
गोरखपुर, 8 अगस्त। गोरखपुर और उसके आस-पास के जिलों में इंसेफेलाइटिस (जेई /एईएस) से बच्चों की मौत बढ़ती जा रही है। बीआरडी मेडिकल कालेज में बीते 24 घंटे में तीन बच्चों सहित चार की इस बीमारी से मौत हो गई। अगस्त महीने के आठ दिनों में 22 लोगों की इंसेफेलाइटिस से मौत हो चुकी है। इसके साथ ही इस वर्ष के आठ अगस्त तक मेडिकल कालेज में इंसेफेलाइटिस से मौतों की संख्या 124 हो गई है जिसमें 117 बच्चे थे। बीआरडी मेडिकल कालेज के अलावा गोरखपुर मंडल के चार जिलों के जिला अस्पतालों में भी इस बीमारी ने 10 लोगों की जान ले ली है।
बीआरडी मेडिकल कालेज में 24 घंटे में गोरखपुर के राजघाट क्षेत्र के खोखर टोला निवासी अब्दुल साबिर के 6वर्ष के बेटे मो अजान, बस्ती जिले के पुरानी बस्ती जामा मस्जिद निवासी फैज मोहम्मद के 7 वर्षीय पुत्र मो सादिक और सिद्धार्थनगर जिले के कपिलवस्तु क्षेत्र के बजेहा गांव निवासी राजू की 5 वर्षीया पुत्री बबिता की इंसेफेलाइटिस से मौत हो गई। इसके अलावा मेडिसिन वार्ड में भर्ती गोरखपुर के गगहा निवासी पप्पू की 38 वर्षीय पत्नी झिनकी देवी की इंसेफेलाइटिस से मौत हो गई।
अगस्त माह में बीआरडी मेडिकल कालेज में इंसेफेलाइटिस के 98 मरीज भर्ती हुए जिसमें से 22 की जान चली गई। आठ अगस्त को इंसेफेलाइटिस के 16 नए मरीज भर्ती किए गए। यहां पर इलाज के लिए गोरखपुर, देवरिया, महराजगंज, कुशीनगर,बस्ती, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर, बलिया, आजमगढ़, मऊ, गाजीपुर, अम्बेडकरनगर, फैजाबाद के अलाव बिहार से मरीज आए। दो मरीज नेपाल से भी इलाज के लिए आए जिसमें से एक की मौत हो गई।

बीआरडी मेडिकल कालेज के इंसेफेलाइटिस वार्ड में अभी भी इंसेफेलाइटिस के 82 मरीज भर्ती हैं जिसमें से 74 बच्चे हैं।
एक जनवरी से आठ अगस्त तक बीआरडी मेडिकल कालेज में इंसेफेलाइटिस के कुल 476 मरीज भर्ती हुए जिसमें से 448 बच्चे थे। इनमें से 117 बच्चों और सात वयस्कों की मौत हो गई।
बीआरडी मेडिकल कालेज के अलावा गोरखपुर, महराजगंज, देवरिया और कुशीनगर के जिला अस्पतालों में इंसेफेलाइटिस के 314 मरीज भर्ती हुए जिसमें दस की मौत हो गई। इन जिलों के सीएचसी-पीएचसी पर 55 मरीज भर्ती हुए हैं जिनमें से किसी की मौत की खबर नहीं हैं।

Add Comment

Click here to post a comment