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6 हजार करोड़ गन्ना मूल्य का भुगतान 30 नवम्बर तक : मुख्यमंत्री

फरवरी 2019 से शुरू हो जाएगी पिपराइच चीनी मिल 
गोरखपुर. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज 384 करोड़ की लागत से बन रहे पिपराइच चीनी मिल का निरीक्षण किया. मुख्यमंत्री ने चीनी मिल की डिजाइन को देखकर वहां कराये जा रहे कार्यों की नकारी ली। मुख्यमंत्री सभी कार्यो को एक साथ कराने और टाइमलाइन बनाकर कार्यो को पूरा करने का निर्देश दिया. इस मौके पर उन्होंने कहा कि पिपराइच चीनी मिल फरवरी 2019 से शुरू हो जाएगी.
उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष का बकाया 6 हजार करोड़ गन्ना मूल्य का भुगतान 30 नवम्बर तक करने की तैयारी सरकार द्वारा की जा रही है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत 20 वर्षों से चीनी मिल बन्द पड़ी थी जिसके आसपास के गन्ना किसानों को काफी कठिनाई का समाना करना पड़ता था लेकिन अब चीनी मिल बन जाने से यहां के गन्ना किसानो को काफी लाभ मिल सकेगा। यह पहली ऐसी आधुनिक सुविधाओ से युक्त चीनी मिल होगी जहां पर 27 मेगावाट बिजली का भी उत्पादन होगा. इसके अतिरिक्त यहां पर 12 महीने लगातार चलने वाली डिस्टलरी का भी निर्माण होगा जो कि प्रदूषण नियंत्रण के मानको के अनुरूप रहेगा.
उन्होंने कहा कि  प्रदेश में गन्ने का रकबा बढ़ा है। अभी तक 39 हजार करोड़ गन्ना मुल्य का भुगतान किया जा चुका है. लगभग 6 हजार करोड़ गन्ना मूल्य का भुगतान जो पिछले वर्ष का बाकी है,  उसे भी 30 नवम्बर तक भुगतान करने की तैयारी सरकार द्वारा की जा रही है.  इसके लिए प्रदेश सरकार द्वारा साफ्टलोन की  व्यवस्था भी की गयी है और उसमें आवेदन लिये जा रहे हैं. प्रदेश सरकार द्वारा एक हजार करोड़ का साफ्ट लोन पहले ही बैकों से स्वीकृत कराया गया है। उन्होंने कहा कि यह पैसा चीनी मिलो के खाते में न जाकर सीधे किसानो के खाते में भेजने की व्यवस्था की जा रही है।
उन्होंने कहा की प्रदेश सरकार का प्रयास है कि 25 नवम्बर तक सभी चीनी मिलें प्रारम्भ हो जाये तथा फरवरी में तीन नयी चीनी मिले भी संचालित हो जायें.
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिपराइच चीनी मिल पहला ऐसा चीनी मिल होगा जहां रिफाइन्ड चीनी का निर्माण होगा. यहां पर निर्मित होने वाली चीनी मिल सल्फर फ्री चीनी होगी  जिसकी अन्र्तराष्ट्रीय बाजार में काफी मांग है. साथ ही जितनी चीनी की आवश्यकता होगी उतनी चीनी के निर्माण के बाद सुगर केन से सीधे एथेनाल बनाने के लिए व्यवस्था की जा रही है. चीनी मिल के संचालित होने पर पहले वर्ष में 10 लाख कुन्तल गन्ने की आवश्यकता होगी. जब यह चीनी मिल अपनी पूरी क्षमता से चलने लगेगी तो 80 लाख से 1 लाख कुन्तल गन्ने की आवश्यकता होगी जिससे की आसपास के किसी भी गन्ना किसान को परेशान नही होना पड़ेगा.

निरीक्षण के दौरान विधायक पिपराइच महेन्द्र पाल सिंह, कमिश्नर अमित गुप्ता, जिलाधिकारी के0 विजयेन्द्र पांडियन सहित गन्ना विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे.

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